सैकड़ों कर्मचारियों ने जयपुर के विद्युत भवन का घेराव किया। सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे थे, साथ ही कर्मचारियों ने निजीकरण बंद करने, ऊर्जा विभाग का गठन करने और इंटरलिंकिंग ऑफ डिस्कॉम शामिल करने की मांग भी की है।
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राजस्थान बिजली कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
- फोटो : ANI
राजस्थान के बिजली विभाग के कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों के लिए वे सड़कों पर उतर आए हैं। सैकड़ों कर्मचारियों ने अर्द्धनग्न होकर धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने सीएम को मांगें पूरी करने का वादा याद दिलाते हुए ये प्रदर्शन किया है। उन्होंने सरकार के सामने पुरानी पेंशन योजना सहित दस मांगों को पूरा करने की बात रखी है।
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कर्मचारियों की दस मांगें हैं, जिसमें पुरानी पेंशन स्कीम लागू करना भी शामिल है।
- फोटो : ANI
जानकारी के अनुसार ये प्रदर्शन बुधवार को जयपुर में किया गया। सैकड़ों कर्मचारियों ने जयपुर के विद्युत भवन का घेराव किया। राजस्थान पावर टेक्निकल एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. गुर्जर के मुताबिक ये पूरा विरोध प्रदर्शन विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे थे, साथ ही कर्मचारियों ने निजीकरण बंद करने, ऊर्जा विभाग का गठन करने और इंटरलिंकिंग ऑफ डिस्कॉम शामिल करने की मांग भी की है।
इस प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
- फोटो : ANI
आंदोलन में शामिल कर्मचारियों के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत ने मांगों को पूरा करने का वादा किया था। उन्होंने बताया कि सीएम अशोक गहलोत ने ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से बहाल कर दिया है, ये सभी सरकारी विभागों में लागू किया गया है तो फिर विद्युत विभाग में ये नियम लागू क्यों नहीं किया गया है। इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए नाराजगी जताई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर यादव ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार ने अन्य विभागों में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है, लेकिन बिजली विभागों में अभी तक ओपीएस को लागू नहीं किया गया है। राज्य सरकार का हमारे प्रति ये दोहरा रवैया है, इसलिए विद्युत कर्मचारियों में गुस्सा है।