विवादित शिलाखंड पर पूजा नहीं करने देने पर पर गुस्सा इस कदर फूटा है कि लोगों ने शहर के अनिश्चितकालीन बंद करने का आह्वान कर दिया है। मामला राजस्थान के बूंदी शहर का है। यहां टाइगर हिल पर मानधाता छतरी पर स्थित शिलाखंड पर पूजा की मांग कर रहे हिन्दु संगठनों ने जब सोमवार को रैली निकालने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद हिन्दु महासभा के कई कार्यकर्ताओं व संतों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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नहीं खुलेगा शहर
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बूंदी
जिसके विरोध में आज से बूंदी शहर को अनिश्चितकालीन कों बंद करने की घोषणाा हिन्दु महासभा ने की है। वहीं जिला प्रशासन ने बिगड़े हालात पर नियंत्रण करने के लिए तीन जनवरी तक बूंदी में इंटरनेट बंद कर दिया है। इससे पूर्व सोमवार को भी बूंदी शहर बंद रहा है। बंद इतना व्यापक असर था कि मेडिकल की दुकानें तक बंद रही। सोमवार को बूंदी शहर के बंद का आह्वान किसी संगठन ने किया था। यहां लोगों ने स्वत: ही शहर को बंद रखा।
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संत के नेतृत्व में प्रदर्शन
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दरअसल कई संगठनों की ओर से सोमवार को मानधाता स्थित विवादित शिलाखंड पर पूजा अर्चना का आह्वान किया गया था। साथ ही जिला प्रशासन के विरोध में रैली निकालने की बात थी। इसी के चलते जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लगाते हुए इंटरनेट बंद कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी लोग बड़ी संख्या में संत लखनदास के नेतृत्व में मालनसमासी बालाजी मंदिर से मानधाता छतरी की ओर रवाना हुए।
नेताओं का भी विरोध
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इसके बाद बीच रास्ते में पुलिस से पहले लोगों की धक्का मुक्की हुई इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में हिन्दु महासभा के कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के कई नेताओं को भी चोट आई। वहीं शाम को घायलों का हालचाल जानने पहुंचे सांसद ओम बिरला को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
बूंदी में बंद के बाद नजदीक के हिंडौली कस्बे में भी आज बाजार को बंद रखने को निर्णय लिया गया है। वहीं बूंदी में बिगड़े हालात को देखते हुए कोटा रेंज के आईजी विशाल बंसल भी घटनास्थल पहुंचे। आईजी ने शहर में घूमकर हालात का जायजा लिया। वहीं स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर रोष है। लोगों की मांग है कि जिन लोगों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया उन पर कार्रवाई की जाए। वहीं लोगों ने स्थानीय विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी की।