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देश की सबसे अजीबोगरीब शादी, 'दूल्हेराजा' के साथ सेल्फी लेने कई राज्यों से आ रहे हैं लोग

Mon, 19 Feb 2018 03:00 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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निमंत्रण पत्र
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला राजस्थान इन दिनों एक अजीबोगरीब शादी के लिए सुर्खियों में है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस विचित्र शादी का गवाह बनने के लिए हजारों की संख्या में मेहमान पहुंचे, लेकिन दूल्हा और दुल्हन को देखकर सभी आश्चर्यचकित हो गए। जैसे-जैसे इस अजीब शादी को प्रचार मिल रहा है, वैसे-वैसे राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं अन्य राज्यों से भी लोग दूल्हे के गांव पहुंचने लगे हैं। आज के जमाने में इस शादी का कारण भी काफी अजीब लगता है।
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इसलिए चर्चा में दूल्हा-दुल्हन

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शादी की रस्में
करौली के सैंमरदा निवासी सुखराम की गिनती गांव के सबसे बुजुर्ग लोगों में होती है। लेकिन शनिवार 83 वर्षीय सुखपाल जब सेहरा सजाकर घर से निकले तो लोगों की उत्सुकता चरम पर थी। फुलेरा दूज के शुभ अवसर पर वृद्ध सुखराम अपने से 54 वर्ष छोटी रमेशी बैरवा से शादी के बंधन में बंध गए। रमेशी बैरवा की उम्र 30 वर्ष है और वह नजदीक के राहिर गांव की रहने वाली है।
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निमंत्रण पत्र से लेकर शादी की अंतिम रस्म तक

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सुखराम
सुखराम की पहली पत्नी बत्तो देवी और उनकी दो बेटियों सहित सभी रिश्तेदारों की रजामंदी से यह बेमेल विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस विवाह के लिए बाकयदा निमंत्रण पत्र छपवाए गए। वहीं 83 वर्षीय दूल्हे सुखराम को हल्दी लगाई गई। कई दिनों तक उनके घर में मंगल गीत गाए गए। इतना ही नहीं दुल्हन को ब्याहने जाने से पूर्व निकाली गई बिंदौरा डीजे की धुनों पर उनकी बेटियां, दामाद व उनके बच्चे खूब नाचे।

सेल्फी के लिए अन्य राज्यों से आ रहे हैं लोग

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सेल्फी सुखराम के साथ
सुखराम बैरवा और उनकी नयी नवेली दुल्हन रमेशी बैरवा को देखने के लिए राजस्थान ही नहीं अन्य राज्यों से भी लोग आ रहे है। ग्रामीणों ने बताया रविवार को जब सुखराम दुल्हन ब्याहकर लौटे तब से राजस्थान के अन्य जिलों सहित यूपी, हरियाणा व दिल्ली से लोगों के आने का सिलसिला जारी है। गांव के सबसे बुजुर्ग में से एक सुखराम की शादी के बाद से गांव में मेले का माहौल है। सुखराम के साथ सेल्फी का भी क्रेज लोगों में देखने को मिल रहा है। 
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प्रशासन भी हैरान

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सुखराम और रमेशी
वहीं हिन्दु मैरिज एक्ट के अनुसार पहली पत्नी के जिंदा रहते या तलाक दिए बिना आदमी दूसरी शादी नहीं कर सकता। लेकिन इस मामले में पहली पत्नी की रजामंदी से ही शादी हुई है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक पहली पत्नी की ओर से इस मामले में शिकायत नहीं दर्ज कराई जाती तब तक कानूनी कार्रवाई होना संभव नहीं है। गौरतलब है कि सुखराम के इस बेमेल विवाह में गांव के पंच पटेल भी सम्मलित हुए थे। 
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इसलिए की गई शादी

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सुखराम और रमेशी
सुखराम की पहली पत्नी बत्ती देवी और अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि शादी करने का सिर्फ एक कारण है पुत्र प्राप्ति। दरअसल सुखराम और उसकी पहली पत्नी बत्ती देवी की दो बेटियां और एक पुत्र था। लेकिन इनके पुत्र की 30 वर्ष की उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसलिए सुखराम ने उम्र के इस पड़ाव में 54 वर्ष छोटी युवती से विवाह रचाया है। वहीं रिश्तेदारों का कहना है कि जिस युवती से शादी की गई है वह मानसिक रुप से अस्वस्थ है।
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