एक छोटे से लालच ने 19 लोगों को दर्दनाक मौत दे दी। हादसा एक शादी समारोह के दौरान दो से अधिक सिलेंडर विस्फोट के कारण हुआ। इसके कारण अजमेर के ब्यावर में शुक्रवार शाम समारोह स्थल का भवन भर-भराकर गिर गया। जिसमें करीब तीन दर्जन लोग दब गए। इसके बाद शुरू किए गए रेस्क्यू आॅपरेशन में मलबे से 19 शव निकाले गए। ब्यावर में हुए इस दर्दनाक हादसे का आॅपरेशन रविवार शाम तक जिला प्रशासन से लेकर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना की टीमें लगी रही। वहीं ब्यावर, अजमेर और जयपुर के अस्पतालों में अब भी एक दर्जन से अधिक गंभीर घायलों का इलाज जारी है।
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एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
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दाह संस्कार
ब्यावर हादसे में सबसे अधिक पीपाड़ सिटी के दस लोगों की मौत हुई। जबकि इस हादसे में ब्यावर के रहने वाले छह व पाली के तीन लोगों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार जहां हादसा हुआ वहां हेमंत पटलेचा का शादी समारोह आयोजित हो रहा था। हादसे में हेमंत पटलेचा की मां भी मौत हो गई। हादसे में पीपाड़ के रहने वाले दस लोगों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया है।
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हलवाई जयपुर में भर्ती
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ब्यावर
पुलिस के अनुसार हादसे का प्रमुख कारण सिलेंडर में गलत तरीके से की जा रही रिफलिंंग थी। रिफलिंग शादी समारोह में खाना बनाने पहुंचे हलवाई गजेंद्र सिंह कर रहा था। इस दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया। गजेन्द्र सिंह भी हादसे में बुरी तरह झुलस गया है जिसे जयपुर रैफर किया गया है। ब्यावर के रहने वाले गजेन्द्र सिंह पर पुलिस ने आपराधिक मानव वध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री ने दिए आदेश
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वसुंधरा राजे
हादसे के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रशासनिक जांच के आदेश दिए है। जानकारी के अनुसार राजस्व मंडल अजमेर के अध्यक्ष को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके साथ ही जांच अधिकारी जिम्मेदार विभागों के खिलाफ भी रिपोर्ट तैयार करेंगे। गौरतलब है कि हमेशा की तरह हादसे के बाद प्रशासन विवाह स्थलों में उड़ रही नियमों की धज्जियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कह रहा है।
जहां एक ओर हादसा स्थल कुमावत समाज भवन में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने की बात सामने आ रही है। वहीं दूसरी हादसे के बाद ब्यावर के मुख्य सरकारी अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की कमी ने भी पीड़ितों की मुश्किल बढ़ा दी। जानकारी के अनुसार यहां पहुंचे शवों को रखने के लिए डीप फ्रिज की संख्या कम थी। जिसके कारण शवों को यहां तुरंत दूसरे स्थानों पर भेजा गया।