सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार की रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद विभन्न राजपूत संगठनों के लोग एक बार फिर से सड़कों और सिनेमाघरों के बाहर जमा हुए। फिल्म रिलीज होने के 2 दिन पहले ही अब जमकर बवाल होने की आशंका के चलते जहां राजस्थान पुलिस सतर्क हो गई है, वहीं आज राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के 15 जिलों में राजपूतों ने कहीं टायर जलाकर तो कहीं रास्ते रोककर उग्र प्रदर्शन किया है। कहीं रैली निकालकर सिनेमाघर मालिकों व मल्टीप्लैक्स संचालकों को फिल्म नहीं प्रदर्शित करने के लिए ज्ञापन सौंपे, तो कहीं बंद का आह्वान था।
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यहां पद्मावत के खिलाफ निकाली रैली
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करणी सेना
- फोटो : Amar Ujala
जयपुर के वैशाली नगर स्थित वैभव मल्टीप्लैक्स के बाहर राजपूत संगठन रॉयल ग्रुप ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राजपूत नेताओं ने सिनेमा हॉल प्रबंधकों को ज्ञापन सौंपकर फिल्म को न प्रदर्शित करने की चेतावनी दी। लगभग प्रदेश के चित्तौड़गढ़, उदयपुर सहित विभिन्न शहरों में राजपूत संगठन सिनेमा हॉल के बाहर जमा हुए और हर सिनेमाघर के प्रबंधकों को ज्ञापन सौंपकर फिल्म प्रदर्शित नहीं करने के लिए कहा।
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ये जिला रहा बंद, समर्थन भी मिला
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फाइल फोटो।
करणी सेना के आह्वान पर राजस्थान के सवाई माधोपुर शहर को बंद रख रखा गया वहीं करणी सेना के बंद को शहर के व्यापारिक संगठनों व कई सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन दिया। करणी सेना की ओर से आज सुबह सवाई माधोपुर शहर में रैली निकाली गई। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में करणी सेना समर्थक सम्मलित थे। शहर के मुख्य बाजारों से होती हुई यह रैली जिला कलक्ट्रेट पहुंचकर समाप्त हुई।
जैसलमेर में टायर जलाकर हाइवे किया जाम
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करणी सेना
- फोटो : Amar Ujala
इधर राजस्थान के राजपूत बाहुल सरहदी जिले जैसलमेर में राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया। आज पोकरण शहर के अंदर से गुजर रहे हाई वे 114 जाम कर दिया साथ ही टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर फिल्म प्रदर्शित नही होने देने की बात कही। यहां प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को लेकर लगाए गए प्लास्टिक बेरिकेटिंग को भी आग के हवाले कर दिया।
'पद्मावत' फिल्म को बैन करने की मांग को लेकर राजस्थान के लगभग सभी जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। आज प्रदेश के जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, जालोर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, चूरू, झुंझनूं के साथ अन्य जिलों में भी करणी सेना व राजपूत संगठन फिल्म के विरोध में आंदोलनरत रहे।