मालेश्वर महादेव मंदिर सामोद
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ऐसे पड़ा मालेश्वर महादेव नाम
कहा जाता है कि वर्तमान में महारकलां गांव पौराणिक काल में महाबली राजा सहस्रबाहु की माहिष्मति नगरी का हिस्सा हुआ करता था। यही वजह है कि इस मंदिर का नाम मालेश्वर महादेव मंदिर पड़ा।
मुगलों ने तोड़ दिया था मंदिर
मंदिर के महंत के अनुसार मुगलों ने इस मंदिर को तोड़ दिया था। उस जमाने में तोड़ी गई शेष-शैया पर लक्ष्मी जी के साथ विराजमान भगवान विष्णु की खण्डित मूर्ति आज भी यहां मौजूद है। मुगलों के मंदिर तोड़ने के बाद कई साल बाद मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। इस पर गुंबद और शिखर का निर्माण करवाया गया।