नदियों में उफान, तेज धार वाले झरने और पुलियों से गुजरते पानी ने राजस्थान में 60 से अधिक लोगों की जानें ले ली हैं, लेकिन लोगों में कोई सुधार नहीं है। मानसून के दौरान नदी नाले भयंकर उफान पर है, फिर भी लोग अपनी जान की परवाह न करते हुए, पिकनिक स्पॉट्स पर जोखिम उठा रहे हैं। बारिश के चलते आए दिन लोगों की पानी में बह जाने से मौत की खबरों का भी लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा जिसका नजारा इन तस्वीरों में देखा जा सकता है।
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कोई सबक नहीं लिया परवन नदी हादसे से
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झालावाड़ हादसे में जान गंवाने वाली युवती
- फोटो : amar ujala
48 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण झालावाड़ की परवन नदी उफान पर थी। तेज हवा थी, जिससे लहरें भी उग्र थी, लेकिन बावजूद इसके स्थानीय लोगों ने नाव उतार दी, जिसपर 15 लोग सवार भी हो गए। तेज हवा के थपेड़े और उग्र लहरों ने नाव को पलट दिया। 15 बह गए, जिनमें से 4 का अब तक पता नहीं चला है और एक महिला का शव मिल गया है। इस हादसे ने भी आंखें नहीं खोली हैं।
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पुलिस का डंडा भी नहीं आ रहा काम, खुद बुला रहे हैं मौत
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फाइल फोटो
परवन हादसे के बाद भी राजस्थान के लोगों ने कोई सबक नहीं लिया और बारिश के दौरान उफनती नदियों के पास खतरा मोल लेकर पिकनिक मनाते दिखाई दिए। कोटा के भंवरकुंज के एनिकट में भारी बारिश के बाद चली चादर के बीच लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे है, हर बारिश में यहां पुलिस के बंदोबस्त रहते हैं, लेकिन इस बार इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
मां ही बन रही बच्चों की दुश्मन, समझाए कौन
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(गोले में) अपने बच्चों के जीवन को खतरे में डालते मां बाप
तेज बहाव के बीच पिकनिक मनाते दिखाई दे रहे लोगों में कुछ महिलाएं भी दिखाई दे रहीं है, जो अपने बच्चों की जान को भी खतरे में डालते हुए मौसम का लुत्फ उठा रही हैं। यहां समझाने वाले ही जाखिम उठाने के लिए उकसा रहे हैं।
भंवरकुंज एनिकट से पानी निकलकर झरने के रुप में बहता हुआ
इसी भंवरकुंज में पहले भी कई हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। एनिकट से फिसलकर कुछ ही दूरी पर बड़ा झरना है जो सीधे चंबल में नदी में गिरता है। लेकिन फिर भी लोगों के साथ प्रशासन बेखबर है।