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अब तक 25 मौतें, हालात हो रहे हैं खराब, 13 से ज्यादा डॉक्टर हिरासत में

Sat, 11 Nov 2017 11:43 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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वसुंधरा राजे
दम तोड़ते मरीजों के लिए अभी तक कोई राहत की खबर नहीं है। राजस्थान में हड़ताल पर गए दस हजार से ज्यादा डॉक्टरों के कारण बीते पांच दिन में 25 से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं राजस्थान सरकार अब हड़ताली डॉक्टरों पर सख्त हो गई है। प्रदेश में रेस्मा लगाने के बाद बीते 24 घंटे के दौरान 13 से ज्यादा हड़ताली डॉक्टरों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
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पुलिस दे रही है दबिश

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मरीजों के लिए परेशानी
यहीं नहीं राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के नेताओं के घर भी राजस्थान के अलग-अलग जिलों में दबिश दी जा रही है। लेकिन पुलिस के भय से अधिकतर चिकित्सक नेता भूमिगत हो गए हैं। वहीं मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए किए गए सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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सेना और रेलवे के डॉक्टरों को दी कमान

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एसएमएस अस्पताल जयपुर
सेना व रेलवे के डॉक्टरों की मदद के अतिरिक्त सेवानिवृत्त चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। वहीं राजस्थान के प्रमुख सात मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर के हड़ताल पर जाने के कारण मरीजों की परेशानियों में और अधिक इजाफा हो गया है। इनमें जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर के कॉलेज प्रमुख हैं। 

हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

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कांवटिया अस्पताल जयपुर
गौरतलब है कि बीते सोमवार से राजस्थान सेवारत चि​कित्सक संघ के दस हजार से ज्यादा डॉक्टर विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस दौरान सरकार से हुई कई दौर की वार्ता विफल रहने के बाद अब सरकार हड़ताली डॉक्टरों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर डॉक्टरों को कार्य पर बुलाने के लिए कहा है। 
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आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी

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कालीचरण सर्राफ
वहीं कोर्ट ने सरकार ने हड़ताली चिकित्सकों की सूची भी मांगी है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ इस हड़ताल को राजनैतिक साजिश बताते हुए कुछ ​चिकित्सक नेताओं पर आरोप लगा रहे है। साथ सराफ ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी चिकित्सक ने इस्तीफा नहीं दिया है। वे गलत बयानबाजी कर रहे है। 
 
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