एक गैंगस्टर जिसकी दहशत तीन राज्यों में फैली हुई थी। पुलिस ने बड़े-बड़े इनाम उसके नाम पर घोषित किए गए थे। उसने अलवर में एक वारदात अंजाम दी और उसका खौफ और बढ़ गया। पुलिस ने धरपकड़ शुरू की। शिकंजा कसता गया तो उसने सरेंडर कर दिया। अब उसकी मौत की खबर ने भी सनसनी मचा दी है।
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ये बताया जा रहा है मौत का कारण
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गैंगस्टर हरिया
- फोटो : फाइल फोटो
अलवर में बीते दिनों 4 फरवरी को नीमराणा स्थित योगेश ज्वैलर्स पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली हरिया गैंग का मुखिया पवन उर्फ हरिया गुर्जर हरियाणा के पलवल पुलिस की कस्टडी में था और आज पुलिस हिरासत में हरिया की मौत हो गई। पुलिस ने हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया है।
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कस्टडी में हो रही थी पूछताछ
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गैंगस्टर हरिया
- फोटो : अमर उजाला
अभी हाल ही में पहले हरिया ने आत्मसमर्पण किया था। पलवल पुलिस ने कोर्ट में पेश कर उसे पुलिस कस्टडी में लिया था। जहां पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान यह घटना हुई। पवन उर्फ हरिया गुर्जर को पलवल अस्पताल लाया गया था। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर थाना अधिकारी कर्मवीर सिंह समेत सीओ अभिमन्यु, मौजीराम और अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं। मृतक हरिया का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
तीन राज्यों में घोषित था इनाम
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Gun Point
- फोटो : Demo Photo
गौरतलब है कि हरियाणा, यूपी और राजस्थान पुलिस ने हरिया गुुर्जर पर इनाम घोषित किया था। साथियों के साथ हरियाणा गैंग बनाकर तीन राज्यों में लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था। कुल 38 मुकदमें हरिया गुर्जर पर दर्ज थें। उसके साथी अरुण गुर्जर की फरीदाबाद में पुलिस से हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उसके अन्य साथी भी अलवर पुलिस की गिरफ्त में है।
दरअसल, कुछ दिन पूर्व अलवर के नीमराणा में हरिया गैंग ने दो व्यापारियों को गोली मारकर उनसे करीब 25 लाख की लूट की थी। जिसके बाद से अलवर पुलिस की विशेष टीम हरिया गुर्जर और उसके गुर्गों के पीछे लगी हुई थी। इसके बाद उसने हरियाणा पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पलवल पुलिस का कहना है कि उन्होंने हरिया गुर्जर को दिल्ली के दलपुरा से गिरफ्तार किया है। इस दौरान पलवल पुलिस पर हरिया के गुर्गों ने फायरिंग भी की।