राजस्थान में अतिवृष्टि का सबसे ज्यादा कहर पाली, सिरोही, जालौर, बांसवाड़ा, बाड़मेर में नजर आ रहा है। यहां करीब सप्ताहभर से हालात बिगड़े हुए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों का सड़क मार्ग से सम्पर्क कट चुका है। हालातों के चलते पशुधन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में गौवंश बहकर चला गया।
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एक हजार मौत, 15 हजार गौवंश बीमार
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बीमार गायों की देखभाल
श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा से जुड़ी गोसेवा संस्थाओं में गौवंश के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। अतिवृष्टि से सप्ताहभर में यहां एक हजार के करीब गौवंश दम तोड़ चुका है वहीं 15 हजार से ज्यादा गौवंश यहां बीमार है। ये गौवंश कमजोर और मरणासन्न स्थिति में है। इसको लेकर गौ सेवकों और गौशाला प्रबंधन परेशान है।
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चारा और दवाएं पहुंचाने में आ रही हैं ये दिक्कतें
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खत्म होने के कगार पर है चारा और दवा
एशिया के सबसे बड़ी गौ सेवा संस्थान श्रीगौधाम महातीर्थ पथमेड़ा से जुड़ी गौ सेवा संस्थाओं में हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। लगातार बारिश के कारण इन संस्थाओं तक पहुंचने के रास्ते बंद हो चुके हैं और गौवंश चारे और समय पर इलाज के अभाव में दम तोड़ रही हैं। पथमेड़ा स्थित श्रीगोपाल गोवर्धन गौशाला, सिरोही के श्री मनोरमा गौलोक तीर्थ, नंदगांव में कई फुट पानी भरा हुआ है। यहां उपलब्ध चारा, पौष्टिक आहार और पशुओं की जीवनरक्षक दवाइयां भी समाप्ति के कगार पर पहुंच चुकी हैं। पथमेड़ा गौशाला प्रशासन ने भी सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है।
दानदाता आ रहे हैं लेकिन, परेशानी यह है
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लाचार गौवंश
पथमेड़ा गौ सेवा संस्थानों में सहयोग के लिए दानदाता आगे आ रहे हैं, लेकिन आवागमन के रास्ते बंद होने से राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। अहमदाबाद, सूरत, मुंबई और राजस्थान के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में दानदाताओं ने गौशाला प्रबंधन से सहायता देने के लिए सम्पर्क किया है। बताया जा रहा है कि गौशालाओं में चारा, दवा आदि का संकट पैदा हो रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, पथमेड़ा गौशाला के लिए 13, महावीर हनुमान गौशाला के लिए 13 और ठाकुर गौशाला के लिए 5 पशु चिकित्सक तथा पैरा वेटेनरी स्टाफ को तैनात किया गया है। 1.89 करोड़ की दवाइयां प्रभावित क्षेत्रों में भिजवाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त मोबाइल टीमों को भेजा गया है। जबकि यहां बीमार पशुओं की स्थिति को देखते हुए ये राहत बहुत कम है।