हिंदु संस्कृति में गाय को माता का दर्जा देकर पूजा जाता है उसकी जिंदगी ऐसे तिल-तिल कर गुजर रही है कि देखने वाले के रोंगटे खड़े हो जाएं। यहां फैली अव्यवस्थाएं गायों को मौत के गाल में धकेल रही हैं।
ऐसे खराब हालात हैं कोटा की बंधा गौशाला के, जो एक बार फिर विवादों में हैं। आज गौशाला में कांग्रेसी पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दौरा करने पहुंचे तो उनके भी रोंगटे खड़े हो गए। यहां करीब 30 गायें मृत मिलीं।
अब तक 750 गायों की मौत
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कोटा की बंधा गौशाला
- फोटो : amar ujala
गौशाला में अव्यवस्थाओं के चलते दर्जनों गाय मरणासन्न हालत में मिली। नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने आरोप लगाया है कि पिछले एक माह में गौशाला में अव्यवस्थाओं का आलम है। इसके कारण यहां 750 गायों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है।
बीमार गायों के शरीर में पड़े कीड़े
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कोटा की बंधा गौशाला
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आज जैसे ही नेता प्रतिपक्ष यहां दौरा करने पहुंचे तो निगम के दावों की पोल खुल गई। गौशाला में गंदगी के आलम के बीच अलग-अलग बाडों में 30 मृत गौवंश पड़े हुए थे। साथ ही, डेढ दर्जन से अधिक गायें जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थीं। इनमें से एक गाय के शव में कीड़े पड़े हुए थे तो दूसरी गाय के शव को जानवरों ने नोंच रखा था।
कर्मचारियों ने कहा, तीन महीने से नहीं मिला वेतन
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कोटा की बंधा गौशाला
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एक मृत जर्सी गाय पिछले कई दिनों से पड़ी हुई थी। जब गौशाल प्रशासन को दौरे की भनक लगी तो मुर्दा गाय को उठाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। गौशाला की हकीकत यह है कि यहां ना तो इंचार्ज समय पर पहुंचे और ना ही चिकित्सक। ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी की।
गौशाला का दर्दनाक मंजर देखकर कांग्रेसी पार्षदो ने पूरा मामला नगर निगम में उठाने की बात कही है। पार्षद महापौर महेश विजय का घेराव करेंगे। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि गायों के नाम पर वोट लेने वाली भाजपा सरकार और निगम का बोर्ड गौशाला में व्यवस्था सुधार करे, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।