संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म 'पद्मावती' की कहानी को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच में ही अब फिल्म के नाम को लेकर ही सवाल खड़ा कर दिया गया है। दरअसल, राजस्थान के जाने माने एक धर्माचार्य ने आज कहानी के साथ ही इसके नाम पर भी आपत्ति जताई है। आचार्य धर्मेंद्र ने कहा है कि चितौड़गढ़ की रानी का नाम 'पद्मावती' कभी रहा ही नहीं, उनका नाम तो महारानी 'पद्मिनी' था। अब फिल्म का नाम ही गलत है, तो कथानक में क्या होगा? फिल्म में दीपिका पद्मावती, शाहिद कपूर राजा रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे हैं।
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पीएम को दी जानकारी, शाह को लिखा पत्र
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आचार्य धर्मेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
आचार्य धर्मेंद्र ने कहा है कि फिल्म को लेकर मैंने हर स्तर पर बात की है। प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी दी जा चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी पत्र लिखा है। अब इनके अलावा और किससे बात करनी होगी।
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आचार्य ने सेंसर बोर्ड को बताया कैंसर बोर्ड
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पद्मावती
- फोटो : self
आचार्य धर्मेंद्र ने फिल्म रिलीज से पहले उसके तथ्यों की जांच करने वाले और सर्टिफिकेट देने वाले सेंसर बोर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सेंसर बोर्ड को कैंसर बोर्ड की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा महारानी पद्मिनी का मंदिर बनाया जाना चाहिए।
भंसाली पर मुकदमा चले और प्रिंट जला दिए जाएं
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दीपिका पादुकोण
आचार्य धर्मेंद्र ने इस पर केवल बैन हीं लगना चाहिए। प्रिंट जला देने चाहिए। उन्होंने कहा इसके साथ ही संजय लीला भंसाली पर मुकदमा करना चाहिए। उनका कहना था कि हमारी महारानियां सबके सामने नहीं नाचती है, फिल्म में जो दिखाया गया है, वो सरासर गलत है।
आचार्य धर्मेंद्र का अब तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़ाव माना जाता रहा है। उन्होंने आज कहा कि मैं विश्व हिंदू परिषद के साथ नहीं हूं। मैं डॉक्टर हेडगेवार के साथ हूं, हिन्दूत्व के साथ हूं।