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चिन्मयानंद के मुकदमे का ट्रायल लखनऊ स्थानांतरित करने का निर्देश

Tue, 04 Feb 2020 01:17 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एलएलएम छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री  चिन्मयानंद की जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सीजेएम शाहजहांपुर को को निर्देश दिया है कि चिन्मयानंद से बड़ी जमानत राशि और मुचलका जमा कराकर रिहा किया जाए। कोर्ट ने चिन्मयानंद पर जमानत के दौरान कड़ी शर्तें लगाई हैं जिनके उल्लघंन पर उनकी जमानतद निरस्त की जा सकेगी। चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर  न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने गत  19नवम्बर को बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।
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चिन्मयानंद - फोटो : self
हाईकोर्ट ने एल एल एम छात्रा के साथ दुष्कर्म तथा चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मुकदमे की सुनवाई शाहजहांपुर से हटाकर लखनऊ स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। दोनों मुकदमों का विचारण लखनऊ में करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी लखनऊ को पीड़िता और उसके परिजनों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।  मुकदमे की सुनवाई प्रतिदिन करने का आदेश दिया है ताकि शीघ्र निर्णय सुनाया जा सके।
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कार में बैठकर जाती छात्रा - फोटो : अमर उजाला
चिन्मयानंद का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार का कहना था कि पीड़िता ने सुनियोजित तरीके से चिन्मयानंद से नजदीकी बढ़ाई। उनकी पहुंच का फायदा उठाया और फिर उनको ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। एलएलबी में कम अंक होने के बावजूद चिन्मयानंद ने उसका दाखिला एलएलएम में कराया।

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swami chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
उसे स्कूटी गिफ्ट की, उसकी मां को कॉलेज में नौकरी दी। यहां तक कि पीड़िता को हॉस्टल में दाखिला, उसकी फीस जमा करने और ई लाइब्रेरी की मेंबर शिप दिलाने जैसे काम भी किए। इसके चलते पीड़िता ने उनसे नजदीकी बढ़ा ली और इस बीच उसने चुपके से स्पाई कैमरे वाला चश्मा खरीद कर उनको वीड़ियो बनाया। अधिवक्ता का कहना था कि पीड़िता ने कभी भी अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत किसी से भी नहीं की। उसने अपने माता पिता को भी कुछ नहीं बताया। इस स्थिति में यह कहना कठिन है कि किसने किसका फायदा उठाया है।
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swami chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
दूसरी ओर पीड़िता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रविकिरन जैन का कहना था कि अभियुक्त पूर्व मंत्री और बेहद प्रभावशाली व्यक्ति है। इतनी अधिक उम्र होने के बावजूद उसने एक कम उम्र छात्रा से बेहद शर्मनाक हरकत की है। इसे पीड़िता का साहस कहा जाएगा कि उसने इतने प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ खड़े होने और बदला लेने की हिम्मत जुटाई।
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chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
यह प्रतिदान की स्थिति: कोर्ट
कोर्ट ने चिन्मयानंद की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि इस मामले के तथ्यों से स्पष्ट है कि पीड़िता के परिवार ने अभियुक्त के उत्पीड़नात्मक व्वहार का फायदा उठाया है। यह ‘प्रतिदान’ (किसी कार्य के बदले में मुआवजा प्राप्त करना) की स्थिति है। जो आगे चलकर अधिक लालच में बदल गई और पीड़िता ने अभियुक्त को ब्लैकमेल करने की साजिश रची। कोर्ट ने कहा कि रिकार्ड पर ऐसा कुछ नहीं है जिससे पता चले कि जिस दौरान पीड़िता का उत्पीड़न हो रहा था उसने कोई आवाज उठाई हो, यहां तक कि अपने माता पिता को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। मुकदमे की स्थिति, चिन्मयानंद की आयु और बीमारियों आदि पर विचार करते हुए कोर्ट ने जमानत मंजूर की है।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
चिन्मयानंद को देना होगा हलफनामा

कोर्ट ने चिन्मयानंद को इस शर्त के साथ जमानत दी है कि वह हलफनामा देंगेे कि वह मुकदमे में अनावश्यक तारीखें नहीं मांगगे और साक्ष्य के निर्धारित तिथियों पर अदालत में हाजिर होंगे। जमानत का किसी भी प्रकार दुरुपयोग करने पर ट्रायल कोर्ट जमानत निरस्त कर सकेगी। कोर्ट ने कहा कि चिन्मयानंद प्रभावशाली व्यक्ति हैं इसलिए मुकदमे का ट्रायल शाहजहांपुर से बाहर करना उचित होगा। 
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