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Year Ender 2022 : पीएम की सुरक्षा में चूक से लेकर श्रद्धा हत्याकांड तक, ये रहीं साल 2022 की प्रमुख घटनाएं

Tue, 20 Dec 2022 06:19 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री का पंजाब के फिरोजपुर में दौरा था। भारी बारिश के कारण पीएम को सड़क मार्ग से जाना पड़ा लेकिन इस दौरान हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर रास्ते में प्रदर्शनकारी मिल गए जिस कारण उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद असुरक्षित क्षेत्र में रुका रहा।
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साल 2022 की प्रमुख घटनाएं - फोटो : अमर उजाला
साल 2022 अच्छी बुरी यादों के साथ बीत चुका है। एक नया साल, नई उम्मीदों के साथ आपके जीवन में आएगा। साल 2023 के आने का लोगों को इंतजार है लेकिन इस बीते हुए साल की यादें अब तक लोगों के जेहन में ताजा हैं और शायद हमेशा ताजा ही रहेंगी। इस साल जहां देश को पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति मिली, वहीं श्रद्धा वालकर का जघन्य शहत्याकांड भी सामने आया। टीवी डिबेट में नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी पर देश और दुनिया भर में आक्रोश देखने मचा। वहीं तीन दशक से ज्यादा समय बाद कांग्रेस को गैर-गांधी अध्यक्ष मिला।  जनवरी से दिसंबर तक कई अच्छी और बुरी घटनाएं घटित हुई हैं, तो चलिए जानते हैं साल 2022 की सबसे बड़ी घटनाओं के बारे में।
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पीएम की सुरक्षा में चूक

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पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक - फोटो : एएनआई
इस साल पांच जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी पंजाब के दौरे पर थे। मौसम खराब होने की वजह से उन्हें सड़क मार्ग से ही बठिंडा से फिरोजपुर के हुसैनीवाला जाना पड़ा। यहां राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किमी पहले काफिला जब फ्लाईओवर पर पहुंचा तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने मार्ग को अवरुद्ध कर रखा था। इस वजह से उनका काफिला आगे नहीं बढ़ा और 20 मिनट वहीं फंसा रहा। बाद में उन्हें निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से लौटना पड़ा था। जिस इलाके में पीएम मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था।
 
गृह मंत्रालय ने कहा था कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और ट्रेवल प्लान के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। उन्हें इससे जुड़े इंतजाम करने थे, जो नहीं किए गए। गृह मंत्रालय ने कहा कि जब यात्रा मार्ग बदल गया तो पंजाब सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती करनी थी ताकि सड़क मार्ग से यात्रा सुरक्षित रहे, लेकिन अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए।  प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त जांच समिति ने फिरोजपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को जिम्मेदार माना। समिति ने कहा, पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने के बाद भी एसएसपी कर्तव्य पालन में विफल रहे।

जांच  कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।  पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रूट में परिवर्तन की सूचना दो घंटा पहले मिलने के बाद भी फिरोजपुर एसएसपी ने जरूरी कदम नहीं उठाए। पुलिस को वीवीआईपी सुरक्षा पर बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत है। कमेटी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई उपायों का सुझाव भी दिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह इन सुझावों को केंद्र सरकार को भी भेजेगा ताकि आगे से सावधानी बरती जा सके।
 
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नुपुर शर्मा विवाद

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नुपुर शर्मा - फोटो : Nupur Sharma/Facebook
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर देशभर में चर्चा छिड़ी हुई थी। इसी साल 27 मई को भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर नुपुर एक नेशनल टेलीविजन न्यूज चैनल की डिबेट में पहुंचीं। बहस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू आस्था का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। अगर यही है तो वह भी दूसरे धर्मों का मजाक उड़ा सकती हैं। नुपुर ने इसके आगे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र किया, जिसे कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया और नुपुर पर पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। 

नुपुर का वीडियो वायरल होते ही एक जून को महाराष्ट्र में नुपुर शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पहला केस दर्ज हुआ। दो जून को महाराष्ट्र में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ। तीन जून को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर मस्जिद को लेकर एक बयान दे दिया। इसमें उन्होंने कहा, 'इतिहास वह है, जिसे हम बदल नहीं सकते। इसे न आज के हिंदुओं ने बनाया और न ही आज के मुसलमानों ने, यह उस समय घटा.. हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों तलाशना है? यह ठीक नहीं है। हम विवाद क्यों बढ़ाना चाहते हैं? हर दिन हमें नया मामला नहीं लाना चाहिए।'  

पांच जून को पहले भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने नुपुर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन शब्दों से साफ मालूम चल रहा था कि वह उन्हीं की बात कर रहे हैं। शुरुआत में ये मामला केवल भारतीय मुसलमानों तक सीमित था। इसके चलते भाजपा लगातार नुपुर शर्मा को डिफेंड कर रही थी, लेकिन जब ये अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना तो सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ने लगीं। खासतौर पर अरब देशों में इसको लेकर काफी आक्रोश था। केंद्र सरकार नहीं चाहती थी कि ये विवाद बढ़े और इसका असर अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर पड़े। 15 से ज्यादा मुस्लिम देशों ने भारत के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और भारतीय राजदूतों को तलब किया। 

पीएफआई पर पाबंदी

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पीएफआई पर प्रतिबंध - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए यूएपीए के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी सगंठनों पर प्रतिबंध लगाया। इसी साल सितंबर के अंत में गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई।  इसके बाद पीएफआई ने संगठन पर पाबंदी के केंद्र के फैसले को स्वीकार करने की बात कही। पीएफआई के केरल प्रदेश महासचिव अब्दुल सत्तार ने कहा कि सभी पीएफआई सदस्यों और जनता को सूचित किया जाता है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को भंग कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी की है। हमारे महान देश के कानून का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में संगठन निर्णय को स्वीकार करता है। 
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श्रद्धा वालकर हत्याकांड

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श्रद्धा वालकर - फोटो : फेसबुक/श्रद्धा वालकर
साल के अंत का अपराध की सबसे बड़ी घटना सामने आई। दिल्ली के महरौली में हुए श्रद्धा हत्याकांड ने सभी का दिल दहला दिया। लिवइन में रहने वाली श्रद्धा की हत्या करके उसके शव के कई टुकड़े किए गए। श्रद्धा की हत्या का आरोप उसी के बॉयफ्रेंड आफताब पर लगा है। फिलहाल आफताब तिहाड़ जेल में बंद है। मामले की तफ्तीश जारी है।
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मल्लिकार्जुन खरगे: कांग्रेस में गैर गांधी अध्यक्ष

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मल्लिकार्जुन खरगे - फोटो : सोशल मीडिया
वर्ष 2022 में कांग्रेस पार्टी को अपना नया अध्यक्ष मिला। लगभग 24 साल बाद पार्टी का अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का नेता बना। गैर गांधी अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे ने शशि थरूर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में शिकस्त दी।
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देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ट्विटर/भारत के राष्ट्रपति
इस साल भारत को अपनी दूसरी महिला राष्ट्रपति मिलीं। दौपद्री मुर्मू को भारत का नया राष्ट्रपति चुना गया। वह भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर की रहने वाली हैं। इसके पहले मुर्मू झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं। इस साल सबसे अधिक सुर्खियों में रहने वाली महिलाओं की सूची में द्रौपदी मुर्मू का नाम भी शामिल है।
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