पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक
- फोटो : एएनआई
इस साल पांच जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी पंजाब के दौरे पर थे। मौसम खराब होने की वजह से उन्हें सड़क मार्ग से ही बठिंडा से फिरोजपुर के हुसैनीवाला जाना पड़ा। यहां राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किमी पहले काफिला जब फ्लाईओवर पर पहुंचा तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने मार्ग को अवरुद्ध कर रखा था। इस वजह से उनका काफिला आगे नहीं बढ़ा और 20 मिनट वहीं फंसा रहा। बाद में उन्हें निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से लौटना पड़ा था। जिस इलाके में पीएम मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था।
गृह मंत्रालय ने कहा था कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और ट्रेवल प्लान के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। उन्हें इससे जुड़े इंतजाम करने थे, जो नहीं किए गए। गृह मंत्रालय ने कहा कि जब यात्रा मार्ग बदल गया तो पंजाब सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती करनी थी ताकि सड़क मार्ग से यात्रा सुरक्षित रहे, लेकिन अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए। प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त जांच समिति ने फिरोजपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को जिम्मेदार माना। समिति ने कहा, पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने के बाद भी एसएसपी कर्तव्य पालन में विफल रहे।
जांच कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रूट में परिवर्तन की सूचना दो घंटा पहले मिलने के बाद भी फिरोजपुर एसएसपी ने जरूरी कदम नहीं उठाए। पुलिस को वीवीआईपी सुरक्षा पर बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत है। कमेटी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई उपायों का सुझाव भी दिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह इन सुझावों को केंद्र सरकार को भी भेजेगा ताकि आगे से सावधानी बरती जा सके।