ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में चक्रवात यास का कहर लगातार जारी है। इसकी वजह से कई इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश हो रही है। कुछ इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए और बाढ़ जैसे हालात हो गए तो वहीं कुछ क्षेत्रों में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान दो लोगों की मौत भी हो गई।
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कई घरों में घुसा पानी
- फोटो : पीटीआई
तूफान यास ओडिशा के धामरा बंदरगाह और बालासोर के बीच गुजरा और कई इलाकों को प्रभावित किया। ओडिशा के भद्रक और बंगाल के दीघा में तूफान यास का सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। यहां सड़कों और घरों पर पानी भर गया है।
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चक्रवात यास का कहर
- फोटो : पीटीआई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से बंगाल में कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक तीन लाख मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। एक व्यक्ति की दुर्घटनावश मौत हो गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में 10 करोड़ रुपये की राहत सामग्री भेजी गई है।
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चक्रवात यास का कहर
- फोटो : पीटीआई
चक्रवात यास के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने से पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में बुधवार को पानी भर गया। नारियल के पेड़ों के शिखरों को छूतीं समुद्र की लहरें और बाढ़ के पानी में बहती कारें दिखाई दीं।
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चक्रवात यास का कहर
- फोटो : पीटीआई
अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के कारण दोनों तटीय जिलों में कई स्थानों पर तटबंध टूट गए, जिसके कारण कई गांव और छोटे कस्बे जलमग्न हो गए। विद्याधारी, हुगली और रूपनारायण समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
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यास चक्रवात
- फोटो : PTI
चक्रवाती तूफान यास के 130-145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराने के बाद भारी बारिश हुई। इससे कई मकान और खेत क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में तीन तथा पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
चक्रवात के कारण ओडिशा के धामरा बंदरगाह के पास निचली इलकों में पानी भर गया। इन इलाकों से 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अपराह्र में तटों से टकराने के बाद तूफान कमजोर पड़ गया था। बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।