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हिंद महासागर को टाइगर शॉर्क के रूप में मिला नया पहरेदार, देखें तस्वीरें

Mon, 20 Jan 2020 08:07 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तंजावुर
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सुखोई विमान को वाटर सैल्यूट से नवाजा गया। - फोटो : PTI
अब चीन और पाकिस्तान को भारत के खिलाफ कोई साजिश रचने से पहले दो बार सोचना होगा। इन दोनों देशों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए वायुसेना ने नया पहरेदार हिंद महासागर पर तैनात किया है। यह पहरेदार जल-थल और नभ हर जगह से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। इसका नाम हैं ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई लड़ाकू विमान (SU-30 MKI)। 

इन सुखोई लड़ाकू विमानों के पहले स्क्वॉड्रन को तमिलनाडु के तंजावुर में आधिकारिक रूप से तैनात कर दिया है। सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई विमान वायुसेना में तैनात करने से पहले सोमवार को विमानों की करतबबाजी के रंगारंग कार्यक्रम हुए। विधिवत तरीके से तीनों सेना प्रमुखों व सीडीएस की मौजूदगी में इन्हें तैनात किया गया। 
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सारंग टीम ने दिखाए करतब - फोटो : PTI
सुखोई लड़ाकू विमानों को वायुसेना में शामिल करने के दौरान कार्यक्रम हुए। इस दौरान वायुसेना की सारंग टीम ने कई करतब दिखलाए। 
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उड़ान भरता सुखोई। - फोटो : PTI
सुखोई विमानों के इस स्क्वॉड्रन को टाइगर शार्क्स नाम दिया गया है। यह सुखोई का 12वां स्क्वॉड्रन है। 

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वायुसेना के सूर्य किरण टीम ने भी इस दौरान आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए। - फोटो : PTI
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई 30 विमान किसी एयरक्राफ्ट कैरियर को भी पलक झपकते ही तबाह कर सकती है। गति के मामले में भी यह दुश्मनों पर भारी पड़ सकती है। 
 
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वायुसेना के तेजस विमान ने भी अपना दमखम दिखाया। - फोटो : PTI
ब्रह्मोस दुनिया की पहली ऐसी मिसाइल है, जिसे धरती आकाश और जमीन से दागा जा सकता है। खास बात यह है कि अमेरिका और चीन के पास भी ये मिसाइल है। 
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इंडक्शन सेरेमनी में सीडीएस बिपिन रावत को खासतौर से सम्मानित किया गया। - फोटो : PTI
हाल के दिनों में हिंद महासागर में चीनी जहाजों की गतिविधियां बहुत बढ़ गई हैं। जिनपर अब आकाश से भारत के सुखोई विमान नजर रखेंगे। सुखोई-30 लड़ाकू विमान के स्क्वाड्रन दक्षिणी वायु कमान का हिस्सा होगा। वायु सेना की परिचालन क्षमता के दृष्टिकोण से यह हमारी शक्ति में बहुत बड़ा इजाफा है।
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