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जिस बम ने बालाकोट में मचाई तबाही, वायुसेना को मिला उसका एडवांस वर्जन, जानिए खूबियां

Mon, 16 Sep 2019 02:41 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्पाइस 2000 मिसाइल - फोटो : Rafale Systems
भारतीय वायु सेना को बालाकोट एयर स्ट्राइक में अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुका स्पाइस 2000 बम के एडवांस वर्जन की आपूर्ति मिलनी शुरू हो गई है। यह बम किसी भी प्रकार की बिल्डिंग और बंकर को तबाह करने में सक्षम है। अपने लक्ष्य को सटीकता के साथ साधने में माहिर यह बम भारतीय वायुसेना के रीढ़ की हड्डी है। जानिए खासियत:


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स्पाइस 2000 बम - फोटो : Social Media
इस्राइल द्वारा विकसित स्पाइस 2000 भारतीय वायुसेना का पारंपरिक बम है जिसका प्रयोग फ्रांसीसी मूल के मिराज 2000 लड़ाकू विमानों में किया जाता है। 
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स्पाइस 2000 बम - फोटो : Social Media
स्पाइस (SPICE) का मतलब Smart, Precise Impact, Cost Effective (स्मार्ट, सटीक प्रभाव, लागत प्रभावी) है।

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स्पाइस 2000 बम - फोटो : एएनआई
यह बम किसी भी प्रकार के बंकर या घर को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके द्वारा सबसे सुरक्षित ठिकाने को भी नेस्तनाबूत किया जा सकता है।
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स्पाइस 2000 बम - फोटो : राफेल एडवांस
SPICE-2000 बम नहीं है, बल्कि एक 'गाइडेंस किट' है, जो एक स्टैंडर्ड वॉरहेड या बम से जुड़ी होती है।
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स्पाइस 2000 बम - फोटो : Social Media
यह बम लंबी दूरी के लक्ष्यों को सटीकता से साधने में सक्षम है। लेजर गाइडेड होने के कारण इस बम को लक्ष्य से काफी दूर होने पर भी दागा जा सकता है।

 
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स्पाइस 2000 बम - फोटो : Social Media
राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम द्वारा निर्मित इस बम का प्रयोग भारत, इस्राइल के साथ कई देशों की वायुसेना करती है। 

 

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मिराज-2000 लड़ाकू विमान
लक्ष्य के गति करने पर यह बम खुद ही अपने पथ को बदलने में सक्षम है। इस स्मार्ट बम के शीर्ष पर एक कैमरा लगा होता है जो लक्ष्य को साधने में मदद करता है।

 

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मिराज विमान
स्पाइस 2000 बम दो वर्जन में आता है। एक में 1000 किलोग्राम का वारहेड होता है जबकि दूसरे में 500 किलोग्राम का। 

 

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सुखोई विमान (फाइल फोटो) - फोटो : Indian Air Force
इस बम में एक चिप के माध्यम से लक्ष्य से संबंधित डाटा को लोड किया जाता है। जिसके बाद बम को लडाकू विमान में फिट कर दिया जाता है।


 

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राफेल लड़ाकू विमान - फोटो : dassault aviation
इसके बाद जब विमान लक्ष्य से एक पूर्व निर्धारित दूरी और ऊंचाई पर पहुंच जाता है तो वह इस स्मार्ट बम को दाग देता है। इसके बाद बम में मौजूद ऑनबोर्ड कंप्यूटर इसे पूर्व निर्धारित लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाता है।

 
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राफेल
बम के शीर्ष पर लगा कैमरा जो कंप्यूटर नियंत्रित होता है। यह लक्ष्य के जैसे दिखने वाले कई चित्रों को ऑनबोर्ड कंप्यूटर को भेजता है जो वास्तविक लक्ष्य की पहचान कर उसे तबाह कर देता है। 
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