महाराष्ट्र में भारी बारिश व बाढ़ के कारण कई जिलों में हालात विकट हो गए हैं। रायगढ़, कोल्हापुर, सांगली, सतारा, रत्नागिरी और ठाणे में बाढ़ व भूस्खलन के कारण 113 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लापता हैं। सांगली में कृष्णा नदी की बाढ़ का पानी घुस गया है। सड़कों पर 10 से 15 फीट तक पानी भर गया है। मकानों की पहली मंजिल डूब गई है। सीएम उद्धव ठाकरे ने रत्नागिरी जिले के बाढ़ग्रस्त चिपलूण के हालात का जायजा लिया।
राज्य में बाढ़, भूस्खलन व अन्य वर्षाजन्य हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। रविवार को एक और मौत के साथ कुल मृतक संख्या 113 हो गई। भारी वर्षा के कहर के बाद से अब तक हुए हादसों में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
उद्धव का काफिला रोका
रविवार को सीएम ठाकरे ने चिपलुण का दौरा किया। रत्नागिरी जिले के इस कस्बे में बाढ़ के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। दौरे के दौरान कुछ लोगों के समूह ने सीएम ठाकरे के काफिले को रोक दिया और उन्हें बारिश के कारण उत्पन्न समस्याओं की जानकारी दी। ठाकरे ने लोगों, दुकानदारों व व्यवसायियों से चर्चा की और क्षेत्र के लिए हरसंभव मदद का वादा किया। ठाकरे ने कहा कि हालात से निपटने के लिए सरकार को केंद्रीय मदद की जरूरत होगी। वे सोमवार का पश्चिम महाराष्ट्र जाएंगे और नुकसान की व्यापक रिपोर्ट तैयारी की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री राणे पहुंचे रायगढ़ के तलिए गांव
उधर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे रायगढ़ के तलिए गांव पहुंचे। यहां गुरुवार को भारी भूस्खलन हुआ था। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें बाढ़ के कारण हुए नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा है। राणे ने कहा कि क्षतिग्रस्त मकानों को पीएम आवास योजना के तहत दोबारा बनाया जाएगा। उनके साथ पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस व विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे।