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तस्वीरों में पीएम का भाषण: कमियों के लिए राज्य 'जिम्मेदार', 23 करोड़ लोगों को टीके पर अपनी 'बड़ाई'

Mon, 07 Jun 2021 07:11 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी सोमवार को राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों को जागरूक रहने की अपील की। कोरोना की दूसरी लहर से हम भारतवासियों की लड़ाई जारी है। कई लोगों ने अपने परिजनों को, परिचितों को खोया है। ऐसे सभी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई।  उन्होंने कहा कि क्योंकि हमें देश के बच्चों और गरीबों की चिंता थी इसलिए हमने टीकाकरण की रफ्तार भी बढ़ाई और दायरा भी बढ़ाया। हमने बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए कई नए टीकों को भी भारत के टीकाकरण अभियान का हिस्सा बना दिया। उन्होंने  टीकाकरण को लेकर राजनीति नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार तेजी से टीकाकरण कर रही है और 23 करोड़ लोगों को अब तक वैक्सीन लगा चुकी है।

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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि बीते 100 वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है। ऐसी महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी और न अनुभव की थी। हमें अब भी सावधान रहने की जरूरत है।
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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने कहा कि इस महामारी के चपेट में विश्व के कई देश आ गए हैं। भारत भी इस लड़ाई के दौरान बड़ी पीड़ा से गुजरा है।  इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है।

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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ाई में वैक्सीन कवच के समान है। उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से वैक्सीन लगवाने की अपील की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे पास अपनी वैक्सीन नहीं होती तो भारत जैसे बड़े देश में क्या होता? आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे। विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था। लेकिन हमने इस समस्या के समाधान के लिए 'मिशन इंद्रधनुष' को शुरू किया है।

 
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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने कहा कि अप्रैल और मई के महीने में ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई। भारत में कभी भी इतनी मात्रा में इतनी ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने केलिए युद्ध स्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे। ऑक्सीजन रेल, एयरफोर्स, नौसेना को लगाया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे अदृश्य और रूप बदलने वाले दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार कोविड प्रोटोकॉल है।
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पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने कहा कि आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 फीसदी काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी।
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