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Kohinoor: सिर्फ कोहिनूर ही नहीं, ये बहुमूल्य चीजें भी अपने साथ ले गए थे अंग्रेज; पढ़ें इनके बारे में सब कुछ

Sat, 10 Sep 2022 07:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर कोहिनूर हीरा काफी चर्चा में है। ट्विटर पर लोग ब्रिटेन से भारत को कोहिनूर हीरा वापस देने की मांग कर रहे हैं।
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kohinoor diamond
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर कोहिनूर हीरा काफी चर्चा में है। ट्विटर पर लोग ब्रिटेन से भारत को कोहिनूर हीरा वापस देने की मांग कर रहे हैं। सिर्फ कोहिनूर ही नहीं, बल्कि बहुत सी बहुमूल्य चीजें हैं जो औपनिवेशिक शासन के दौरान अन्य देशों से छीन ली गईं। आइए जानते हैं...
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1. ग्रेट स्टार आफ अफ्रीका डायमंड

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Great Star Of Africa Diamond - फोटो : एएनआई
'अफ्रीका का कलीनन हीरा' महारानी की बेशकीमती संपत्तियों में सबसे अलग है। दुनिया के इस सबसे बड़े हीरे का वजन लगभग 530 कैरट है। इसकी कीमत 400 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 3,186 करोड़ रुपये) है। यह 1905 में दक्षिण अफ्रीका में खनन किया गया था। कई अफ्रीकी इतिहासकारों की मानें तो इस हीरे को ब्रिटेन के राजा एडवर्ड वी-द्वितीय को गिफ्ट नहीं किया गया बल्कि, उनका दावा है कि हीरा चोरी हो गया था या ब्रिटिश शासनकाल के दौरान लूटा गया था। 
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2. टीपू सुल्तान की अंगूठी

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Tipu Sultan's Ring - फोटो : एएनआई
अंग्रेजों के खिलाफ 1799 में लड़ाई हारने के बाद टीपू सुल्तान की अंगूठी कथित तौर पर उनसे ले ली गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंगूठी को ब्रिटेन में एक नीलामी में एक अज्ञात बोली लगाने वाले को लगभग 1,45,000 ब्रिटिश पाउंड में बेचा गया था।

3. रोसेटा स्टोन

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Rosetta Stone - फोटो : ANI
मिस्त्र के लोग और पुरातत्वविद रोसेटा स्टोन को को अपने देश में वापस चाहते हैं। रोसेटा स्टोन इस समय ब्रिटिश संग्रहालय में है। कई स्थानीय समाचार पत्रों की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरातत्वविदों का दावा है कि वे यह साबित कर सकते हैं कि रोसेटा स्टोन ब्रिटेन द्वारा चोरी किया गया था। रोसेटा स्टोन 196 ईसा पूर्व का है और इतिहासकारों के अनुसार 1800 के दशक में फ्रांस के खिलाफ लड़ाई जीतने के बाद इस पत्थर को ब्रिटेन ने अपने कब्जे में ले लिया।  
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Elgin Marbles - फोटो : ANI
अभिलेखागार और कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1803 में लार्ड एल्गिन कथित तौर पर ग्रीस के प्रसिद्ध मंदिर पार्थेनन की दीवारों से बेशकीमती पत्थरों को हटा दिया और उन्हें लंदन ले गए थे। यही कारण है कि उन कीमती पत्थरों को एल्गिन मार्बल्स कहा जाता है। ये मार्बल्स अभी ब्रिटिश संग्रहालय में हैं। 1925 से ग्रीस इसकी मांग कर रहा है। 
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