डॉ. ज्योतिका मल्होत्रा (जूनियर रेजीडेंट, आरएमएल अस्पताल, नई दिल्ली )
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हम लोग 15 दिन कोविड वार्ड में ड्यूटी देने के बाद वापस 15 दिन के लिए एक होटल में क्वारंटीन रहती हैं। मंगलवार को जब मैं 15 दिन बाद कोविड वार्ड से बाहर आई तो मां को फोन किया। मां को देखते ही आंखों में आंसू छलक उठे। मैं बार-बार बस यही कह रही थी, “मरीजों में आपको देख लेती हूं मां, मेरी यहां बहुत जरूरत है। यहां इन लोगों का मेरे जैसों के अलावा दूसरा कोई नहीं है।
आप चिंता न करो, मैं वापस जरूर आऊंगी।” इतना सुनते ही उधर से रोती मां के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उन्होंने कहा, “शाबाश, बेटा! तू बस ऐसे ही सेवा करती रह। जब तू आएगी तो मैं तेरी पंसदीदा खीर बनाकर दूंगी:-डॉ. ज्योतिका मल्होत्रा ,जूनियर रेजीडेंट, आरएमएल अस्पताल, नई दिल्ली
(गाजियाबाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद दिल्ली के रोहिणी निवासी डॉ. ज्योतिका यहां मरीजों की सेवा में जुटी हुई हैं।)