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Fire: पांच साल में 50 हजार से ज्यादा लोग जिंदा जल गए, इन राज्यों में सबसे ज्यादा होती हैं आगजनी की घटनाएं

Sat, 29 Oct 2022 04:35 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले साल आठ हजार से ज्यादा लोग ऐसे ही हादसों का शिकार हो गए थे। आज हम आपको ऐसे ही आंकड़ों के जरिए बताएंगे कि देश में हर साल कितने लोग आगजनी का शिकार होते हैं? किस राज्य में सबसे ज्यादा घटनाएं और मौतें होती हैं? आइए जानते हैं... 
 
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आग लगने की घटनाएं। - फोटो : अमर उजाला
बिहार के औरंगाबाद जिले में छठ पूजा का प्रसाद बनाने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां शाहगंज तेली मोहल्ला में शनिवार की सुबह एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इसमें करीब 35 लोग झुलस गए। हादसे का शिकार लोगों में आम नागरिक और पुलिस वाले भी शामिल हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

आगजनी की ये पहली घटना नहीं है, जिसने लोगों की जान को खतरे में डाल दिया है। इसके पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। पिछले साल आठ हजार से ज्यादा लोग ऐसे ही हादसों का शिकार हो गए थे। आज हम आपको ऐसे ही आंकड़ों के जरिए बताएंगे कि देश में हर साल कितने लोग आगजनी का शिकार होते हैं? किस राज्य में सबसे ज्यादा घटनाएं और मौतें होती हैं? आइए जानते हैं... 
 
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पहले पिछले साल का आंकड़ा देख लीजिए
पिछले साल यानी 2021 में आगजनी की 8,491 घटनाएं दर्ज हुईं हैं। ये आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के हैं। इसके अनुसार, साल 2021 में आगजनी की अलग-अलग घटनाओं में कुल 8,348 लोग जिंदा जल गए और उनकी मौत हो गई। इनमें भी 50 प्रतिशत से ज्यादा मामले रेशिडेंशियल इमारतों और कॉलोनी में हुई है। राहत की बात ये है कि 2020 के मुकाबले इसमें 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। 2020 में 9,329 आगजनी की घटनाएं हुईं थीं। 
 
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आग लगने की घटनाएं। - फोटो : अमर उजाला
पिछले पांच साल में 50 हजार से ज्यादा मौतें
आगजनी की घटनाओं के बारे में जानने के लिए हमने सरकारी आंकड़ों को खंगाला। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB के मुताबिक 2017 से लेकर 2021 तक पांच साल में आग लगने की 55 हजार 353 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 54 हजार 280 लोगों की मौत हो गई।  

सबसे ज्यादा 4348 आगजनी की घटनाएं रिहायशी इलाकों और इमारतों में हुईं। इसके बाद कॉमर्शियल इमारतों में 274, गाड़ियों में 241 घटनाएं हुईं। राहत की बात है कि साल दर साल आग लगने की घटनाओं और मृतकों की संख्या में गिरावट हो रही है। 
 

कब कितने लोगों की मौत हुई?
वर्ष हादसे मृतक
2021 8,491 8,348
2020 9,329 9,110
2019 11,037 10,915
2018  13,099 12,748
2017 13,397 13,159
कुल 55,353  54,280

        
   
        
        
       
         
      

 
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किस राज्य में सबसे ज्यादा आगजनी की घटनाएं? 
राज्य हादसे मृतक
ओडिशा 1248 1248
मध्य प्रदेश 1179   1178
छत्तीसगढ़     702 702
तमिलनाडु     657   694
कर्नाटक 477 495

नोट : आंकड़े 2021 में हुई घटनाओं के हैं। 
                               
                                              
                                                                                        
                                         
                                                   


 
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किस कारण से होती हैं घटनाएं? 
हमने ये जानने के लिए रिटायर्ड फायर ऑफिसर एमके प्रदीप से संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर आग लगने की घटनाएं गर्मी के मौसम में अधिक होती हैं। इसका कारण यह है कि तापमान अधिक होता है। ऐसे में हर घर, कॉमर्शियल प्लेस, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और रिहायशी इमारतों में एसी, कूलर, पंखों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। बिजली पर अधिक लोड होता है और ऐसे में हल्की सी शार्ट सर्किट भी आग में तेजी से तब्दील हो जाती है।'

एमके प्रदीप के मुताबिक, ' घटनाओं को होने से रोकने के लिए पहले से सावधानी जरूरी है, लेकिन अगर कहीं घटना हो जाती है तो बचाव उससे ज्यादा जरूरी हो जाता है। इसके लिए ही हर तरह की इमारतों और घरों के लिए फायर सेफ्टी के नियम तय किए गए हैं, लेकिन दुख की बात है कि केवल 10 से 20 फीसदी लोग ही इसका पालन करते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'अगर 50 प्रतिशत लोग भी फायर सेफ्टी के नियमों का पालन कर लें तो आग लगने की घटनाओं को 80 प्रतिशत तक काबू किया जा सकता है।'
 
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इन बातों का ख्याल रखें
  • ऊंची इमारतों में दो अलग-अलग तरफ कम से कम दो सीढ़ियों का होना जरूरी है। 
  • इमारतों में फायर अलार्म होना अनिवार्य है। 
  • बाहर निकलने के लिए कम से कम दो अलग-अलग दिशा में एग्जिट गेट होना चाहिए। 
  • किचन का स्पेस खुला होना चाहिए।  
  • किचन में कम से कम एक खिड़की होना चाहिए और यह एक वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। 
  • बिल्डिंग में 15 मीटर के बाद कोई ढलान का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। 
  • लो राइज रिहायशी इमारतों के लिए सीढ़ी के लिए न्यूनतम चौड़ाई 0.9 मीटर रखी गई है। 
  • फ्लैट्स, हॉस्टल, ग्रुप हाउसिंग, गेस्ट हाउस के लिए, सीढ़ियों की चौड़ाई 1.25 मीटर तय की गई है। 
  • लिविंग स्पेस और स्टोर्स सीढ़ियों में नहीं खुलने चाहिए। 
  • कोई इलेक्ट्रिकल शाफ्ट्स, एसी की पाइप और गैस पाइपलाइन सीढ़ी के बीच से होकर नहीं गुजरनी चाहिए।
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