फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी के खिलाफ प्रत्याशी बने तेजबहादुर की उम्मीदवारी रद्द, जानिए क्यों हुए थे बीएसएफ से बर्खास्त

Wed, 01 May 2019 01:46 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
नामांकन दाखिल करने जाते तेजबहादुर यादव - फोटो : अमर उजाला
समाजवादी पार्टी ने अंतिम समय में वाराणसी लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बदल दिया था। शालिनी यादव की जगह बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर को सपा-बसपा ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने चुनौती पेश करने के लिए उतारा था। लेकिन, अब उनकी उम्मीदवारी रद्द हो गई है।

 
विज्ञापन

2 of 11
Tej Bahadur Yadav - फोटो : File Photo
2017 में बीएसएफ के जवान तेजबहादुर यादव का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने जवानों को मिलने वाले खराब खाने के बारे में बताया था। वीडियो में तेजबहादुर यादव ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे। 
विज्ञापन

3 of 11
बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। इसके विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।

4 of 11
तेज बहादुर - फोटो : SELF
19 अप्रैल को तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएसएफ ने जांच के बाद तेज बहादुर यादव को नौकरी से निकालने का फैसला किया था। उन पर सीमा सुरक्षा बल का अनुशासन तोड़ने को लेकर जांच की गई थी और फिर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं बर्खास्त होने के बाद तेज बहादुर ने कहा था कि वह न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई सारे सैनिकों के लिए है।
विज्ञापन

5 of 11
तेज बहादुर
हरियाणा में महेंद्रगढ़ के राताकलां गांव में रहने वाले तेज बहादुर सिंह स्वतंत्रता सेनानियों की फैमिली से है। उनके पिता शेर सिंह बताते हैं कि उनके पिता ईश्वर सिंह आजाद सुभाष चंद्र बोस के साथ रहते थे। हरियाणा सरकार ने उन्हें ताम्र पत्र देकर सम्मानित कर रखा है।

 
विज्ञापन

6 of 11
प्रेस वार्ता करते तेजबहादुर यादव - फोटो : अमर उजाला
शेर सिंह के पांच बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा सुभाष चंद गुजरात पुलिस में है। दूसरा बेटा कृष्ण दीप किसान है। तीसरे नंबर पर भीम सिंह है, जो बीएसएफ में है। वहीं चौथे स्थान नंबर का बेटा हनुमान है जो खेती करता है। सबसे छोटे हैं तेज बहादुर।

 
विज्ञापन

7 of 11
तेज बहादुर यादव घर पहुंच गए
तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला रेवाड़ी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। उनका एक बेटा रोहित आईआईटी की तैयारी कर रहा है। तेज बहादुर के पिता शेर सिंह के पास 17 एकड़ जमीन है। वे परंपरागत तरीके से उस पर खेती कर रहे हैं।

 

8 of 11
तेज बाहदुर यादव - फोटो : SELF
तेज बहादुर के बारे में शेर सिंह बताते हैं कि वह अपने दादा की तरह शुरूआत से अधिकारों की बात करता था। इस वजह से अब वह सेना में जब भी कोई अधिकार की बात उठाता है तो सेना में अफसर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं।

 

9 of 11
आर्मी से रिटायर्ड हवलदार का खुलासा
बता दें कि मामला तब पीएमओ तक पहुंच गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय से तलब की थी। वहीं, तेज बहादुर की पत्नी ने बात न करने देने के आरोप लगाए थे।

10 of 11
tej bahadur - फोटो : social media
तेजबहादुर की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया था कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पति पर बयान वापिस लेने का दबाव डाला जा रहा था। 
विज्ञापन

11 of 11
Tej Bahadur Yadav
दरअसल, तेजबहादुर यादव आजकल फौजी एकता न्याय कल्याण मंच नाम से एक एनजीओ चला रहे हैं। इस एनजीओ के बारे में तेज बहादुर ने बताया कि यह भारत के सभी सैनिकों के हितों के लिए बनाई गई एक संस्था है। जिस का कार्य देश के सभी सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें