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इसलिए खास है मिराज- 2000, जिसने पीओके में मचाई तबाही 

Tue, 26 Feb 2019 04:38 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मिराज-2000 लड़ाकू विमान
पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद मंगलवार तड़के 3 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की पनाह में पल रहे आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया है।  भारतीय वायुसेना ने एलओसी के पार जाकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर 1000 किलो के बम गिराए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में वायुसेना के 12 मिराज फाइटर प्लेन शामिल हुए थे। बता दें इस ऑपरेशन के लिए हमारी वायुसेना ने मिराज- 2000 (Mirage 2000) डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (लड़ाकू विमान) का इस्तेमाल किया है।  

इस लड़ाकू विमान की सबसे खास बात है कि यह किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है। यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर धुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। ये वो मिसाइल है जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। इसके साथ ही यह अपने साथ एयर टू सर्फेस मिसाइल भी संभाल सकती है। 

खासियतें-

  •   मिराज- 2000 लड़ाकू जिसे भारतीय वायु सेना ने वज्र नाम दिया है, का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने किया है। यह वही कंपनी जिसने राफेल को बनाया है।
  • मिराज-2000 सिंगल इंजन फाइटर प्लेन विमान की लंबाई 14.36 मीटर है। विमान का वजन 7500 किलो है।
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  •  मिराज-2000, 6000 किलोग्राम वजन की मिसाइल के साथ 2495 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड से उड़ान भर सकता है। यह 59 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
  • मिराज-2000 125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है। यह 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है।
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मिराज विमान
  •  पहली बार 1970 में उड़ान भरने वाला मिराज 2000 फ्रेंच मल्टीरोल, सिंगल इंजन चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है। ये फाइटर जेट नौ देशों में सेवा दे रहा है।
  •  राडार की पकड़ में न आने वाला मिराज-2000 एक साथ हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में सक्षम है।

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mirage 2000
  •  मिराज 2000 लड़ाकू विमान ने कारगिल युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी।
  • अक्तूबर 1982 में भारत ने 36 सिंगल सीटर सिलेंडर मिराज 2000 और 4 ट्वीन सीटर मिराज 2000 का ऑर्डर दिया था।
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मिराज 2000 विमान
  •  इसे 1986 में औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया था। साल 2015 में  अपग्रेडेड मिराज-2000 को भारतीय वायुसेना को सौंपा गया। अपग्रेडेड विमानों में नए राडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा है। इससे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता में भारी इजाफा हो गया है। 
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