पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद मंगलवार तड़के 3 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की पनाह में पल रहे आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया है। भारतीय वायुसेना ने एलओसी के पार जाकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर 1000 किलो के बम गिराए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में वायुसेना के 12 मिराज फाइटर प्लेन शामिल हुए थे। बता दें इस ऑपरेशन के लिए हमारी वायुसेना ने मिराज- 2000 (Mirage 2000) डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (लड़ाकू विमान) का इस्तेमाल किया है।
इस लड़ाकू विमान की सबसे खास बात है कि यह किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है। यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर धुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। ये वो मिसाइल है जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। इसके साथ ही यह अपने साथ एयर टू सर्फेस मिसाइल भी संभाल सकती है।
खासियतें-
- मिराज- 2000 लड़ाकू जिसे भारतीय वायु सेना ने वज्र नाम दिया है, का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने किया है। यह वही कंपनी जिसने राफेल को बनाया है।
- मिराज-2000 सिंगल इंजन फाइटर प्लेन विमान की लंबाई 14.36 मीटर है। विमान का वजन 7500 किलो है।