फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक हैं सिब्बल, हिजाब विवाद से लेकर तीन तलाक तक लड़ चुके हैं कई बड़े केस

सार

कपिल सिब्बल देश के जाने-माने वकील हैं और हर सुनवाई के लिए लाखों रुपये लेते हैं। उन्होंने कई बड़े नेताओं के केस लड़े हैं और उन्हें राहत दिलाई है। इसके अलावा उन्होंने कई विवादस्पद मामलों में भी याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की है। 
विज्ञापन
1 of 9
कपिल सिब्बल (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
कपिल सिब्बल एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने आज राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा। इसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि वह कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए उन्हें समाजवादी पार्टी समर्थन दे रही है। हालिया वक्त में सिब्बल कांग्रेस में विद्रोही गुट जी-23 का प्रमुख चेहरा बने हुए थे। इस दौरान व सीधे सोनिया गांधी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग कर रहे थे। सिब्बल देश के जाने-माने वकील हैं और हर सुनवाई के लिए लाखों रुपये लेते हैं। उन्होंने कई बड़े नेताओं के केस लड़े हैं और उन्हें राहत दिलाई है। इसके अलावा तीन तलाक, राम जन्मभूमि जैसे मामले में भी उन्होंने याचिकाकर्ताओं की ओर से केस लड़ा। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने अब तक किन-किन बड़े मामलों में वकील के तौर पर पैरवी की है। 
 
विज्ञापन

आजम खां को दिलाई जमानत 

2 of 9
Azam khan - फोटो : amar ujala
जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने सहित कई मामलों में फंसे सपा नेता आजम खां को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है और वे लंबे समय बाद जेल से रिहा हुए हैं। आजम खान को जमानत दिलाने में कपिल सिब्बल की खास भूमिका रही है। सिब्बल ने ही सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की पैरवी की थी। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में आजम मामले में जल्द सुनवाई की अपील की थी जिसे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और बेला एम त्रिवेदी ने मान लिया था। आजम कई मामलों में फरवरी 2020 से ही सीतापुर जेल में बंद थे।
 
विज्ञापन

हिजाब मामले में भी की पैरवी 

3 of 9
कर्नाटक हिजाब विवाद - फोटो : पीटीआई
कपिल सिब्बल ने कर्नाटक हिजाब मामले में भी एक याचिकाकर्ता का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया था। मुस्लिम छात्रा के वकील के तौर पर सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में उठाया था लेकिन चीफ जस्टिस ने ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। सीजेआई ने कहा था कि मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में है इसलिए वहां पहले सुनवाई पूरी होनी चाहिए। सिब्बल ने स्कूलों में हिजाब को बैन किए जाने के खिलाफ सुनवाई का मामला पुरजोर तरीके से शीर्ष अदालत में उठाया था, हालांकि सीजेआई ने इस पर तब सुनवाई से इनकार कर दिया था। 

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में केस लड़ा 

4 of 9
राम जन्मभूमि - फोटो : एएनआई
सिब्बल ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में भी मुस्लिम पक्ष का केस लड़ा था। सिब्बल ने ही सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि इस मामले की सुनवाई 2019 तक टाल दी जाए। उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए यह दलील दी थी।  लेकिन सिब्बल की दलीलें काम नहीं आई थीं। इसे लेकर भाजपा आज भी सिब्बल और कांग्रेस को निशाने पर लेती रही है। 
विज्ञापन

तीन तलाक का किया विरोध 

5 of 9
तीन तलाक (सांकेतिक फोटो) - फोटो : Social Media
सिब्बल ने तीन तलाक पर भी सरकार के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से मुकदमा लड़ा था। सिब्बल ने दलील दी थी कि तीन तलाक पर बैन लगाना सही नहीं होगा क्योंकि यह आस्था से जुड़ा मामला है। इसे लेकर कांग्रेस और सिब्बल दोनों भाजपा के निशाने पर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल की दलीलों को खारिज करते हुए तीन तलाक पर रोक लगा दी थी। 

 
विज्ञापन

देशद्रोह मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में की पैरवी 

6 of 9
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
देशद्रोह मामले में भी कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिकाकर्ता की तरफ से केस लड़ा था। इस मामले में सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा था। मेहता की ओर से मामले को कुछ दिनों तक आगे बढ़ाने की मांग हुई जिसका सिब्बल ने सख्त विरोध किया था। सिब्बल ने अदालत से कहा था कि सरकार की मांग पर मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता, न्यायपालिका को इस कानून की संवैधानिकता को जांचना ही होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा कानून की पूरी पड़ताल किए जाने तक इस पर रोक लगाने का आदेश दिया था। 
 
विज्ञापन

सीएए-एनआरसी मामले में केस लड़ा

7 of 9
सीएए एनआरसी एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : PTI
कपिल सिब्बल सीएए-एनआरसी मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ा था। सीएए के खिलाफ 18 दिसंबर 2019 को वरिष्ठ वकीलों कपिल सिब्बल, इंदिरा जयसिंह, अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद सहित कुछ अन्य वकीलों ने याचिकाकर्ताओं की तरफ से दलीलें रखी थीं। इन्होंने तत्कालीन सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत से मामले की सुनवाई होने तक इस कानून पर रोक लगाने की मांग की थी। सिब्बल ने दलील दी थी कि अदालत एक अंतरिम आदेश पारित करके सीएए कानून लागू किए जाने को कुछ महीने के लिए टाल दे। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया था। 

धर्मसंसद हेट स्पीच मामले में दी दलीलें 

8 of 9
धर्म संसद - फोटो : Social media
हिमाचल प्रदेश में हुई धर्मसंसद हेट स्पीच मामले में भी कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी की थी। सिब्बल ने कहा था कि ऐसी धर्मसंसद अब हर जगह हो रही है। यह हिमाचल के ऊना में हुई है और यहां जो कुछ कहा गया उसे सबके बीच पढ़ा नहीं जा सकता। इस पर बेंच ने हिमाचल सरकार को जरूरी कदम उठाने और हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। 
 
विज्ञापन

लालू को दिलाई राहत  

9 of 9
लालू यादव - फोटो : पीटीआई
चारा घोटाले केस में आरोपी आरजेडी के लालू यादव को भी कपिल सिब्बल ने ही हाईकोर्ट से जमानत दिलाई है। लालू लंबे समय तक जेल में रहे। सिब्बल की पैरवी ने उन्हें जेल से रिहाई में मदद दिलाई। कपिल सिब्बल लालू के लिए तारणहार साबित हुए। सिब्बल की सधी हुई दलीलों के आगे सीबीआई की दलीलें काम नहीं आईं और अदालत ने लालू की जमानत याचिका मंजूर कर ली। सिब्बल ने दस्तावेजी सबूत के दम पर कहा था कि लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाला मामले में अब तक 42 माह जेल में बिताए हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें