पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ लगातार बढ़ते तनाव को लेकर भारतीय सशस्त्र बल सतर्क हैं। हाल में ही पाकिस्तान ने 290 किलोमीटर तक मार करने वाली गजनवी मिसाइल का परीक्षण किया है। जिसके बाद भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।
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अग्नि 5
- फोटो : सोशल मीडिया
अग्नि 5
यह अग्नि सीरीज की अंतर-महाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, यह परमाणु क्षमता से युक्त सतह से सतह पर मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल है। इसकी रेंज 5500 किलोमीटर है जो कि देश की सबसे अधिक दूरी तक मारने की क्षमता रखती है।
वक्त आने पर अग्नि पंचम की रेंज में बढ़ोतरी की जा सकती है। इस मिसाइल से पाकिस्तान और चीन भारत की जद में होंगे।
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अग्नि 4
- फोटो : सोशल मीडिया
अग्नि 4
यह एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। अग्नि- 4 वजन में हल्की है और नई तकनीकों से लैस है। भारतीय सेना में शामिल अग्नि-4 मिसाइल 4,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर सकती है, साथ ही यह मिसाइल सतह से सतह तक मार करने वाली क्षमता रखती है।
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अग्नि 3
- फोटो : सोशल मीडिया
अग्नि 3
अग्नि-3 परमाणु क्षमता से लैस सतह से सतह तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी लंबाई 17 मीटर और दो मीटर व्यास की है। अग्नि-3 मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर तक वार कर सकती है। मिसाइल का वजन करीब 50 टन है और यह डेढ़ टन तक पेलोड (हथियार) ले जाने की क्षमता रखती है। मिसाइल में हाइब्रिड नेविगेशन और एडवांस कम्प्यूटर सिस्टम लगा है।
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अग्नि 2
- फोटो : सोशल मीडिया
अग्नि 2
अग्नि-2 मिसाइल 2,000 की दूरी तक दुश्मनों को मार गिरा सकती है। यह मिसाइल न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम है। जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 3,000 तक बढ़ाई जा सकती है। इसकी लंबाई 20 मीटर है और यह एक टन का पेलोड ले जा सकती है। अग्नि - 2 अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम और तकनीक से लैस है।
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अग्नि 1
- फोटो : सोशल मीडिया
अग्नि 1
अग्नि-1 मिसाइल का निर्माण भारत में 1999 में ही शुरू हो गया था लेकिन इसका पहला परीक्षण 2002 में किया गया। यह मिसाइल 700 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और इसमें अत्याधुनिक नेविगेशन और सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। अग्नि -1 को कम मारक क्षमता वाली मिसाइल के तौर पर विकसित किया गया है।
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निर्भय
निर्भय
यह भारत की सबसोनिक क्रूज मिसाइल है जो 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करने की क्षमता रखती है। इसकी क्षमता अमेरिका की प्रसिद्ध टॉमहॉक मिसाइल के बराबर है। निर्भय मिसाइल में ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर के साथ टर्बोफैन इंजन लगा है। इसका वजन 1,500 किलोग्राम है। सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल को हर मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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प्रहार
प्रहार मिसाइल
प्रहार समसामयिक हथियार प्रणाली है जो 150 किलोमीटर की दूरी तय करने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल हर मौसम में हर क्षेत्र में अत्यधिक सटीक और सहयोगी तरकीबी हथियार प्रणाली है। प्रहार मिसाइल ठोस ईंधन से लैस है।
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नाग
नाग
नाग मिसाइल फायर और फॉरगेट के आधार पर काम करती है, इस मिसाइल की खास बात यह है कि इसे जमीन से हवा में और हवा से जमीन में दागा जा सकता है। नाग मिसाइल की मारक क्षमता 500 मीटर से चार किलोमीटर तक होती है जबकि हवा में दागी जाने वाली मिसाइल 7-10 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को तबाह कर सकती है।
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ब्रह्मोस मिसाइल
- फोटो : Brahmos Aerospace
ब्रह्मोस मिसाइल
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण रूस और भारत ने मिलकर किया है। यह दुनिया की सबसे उन्नत क्रूज मिसाइल मानी जाती है। इस मिसाइल की रेंज 290 किलोमीटर और गति 3700 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसका नाम भारत के ब्रह्मपुत्र और रूस के मस्कन्वा नदी पर रखा गया है। यह मिसाइल लक्ष्य से महज 20 किलोमीटर पहले रास्ता बदलने वाली तकनीक से लैस है।
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आकाश मिसाइल 2
आकाश मिसाइल
आकाश मिसाइल जमीन से हवा में मारक की क्षमता रखती है, आकाश मिसाइल ब्रह्मोस की तरह सुपरसॉनिक मिसाइल है। इसका वजन 700 किलोग्राम है और गति 2.5 मैक है। इसकी सबसे खास बात है कि यह 25 किलोमीटर के रेंज में किसी भी उड़ती चीज को भेदने में सक्षम है। इसे भारत का पैट्रियॉट कहा जाता है।
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स्पाइक मिसाइल
- फोटो : Twitter
स्पाइक एटीजीएम मिसाइल
यह मिसाइल इस्राइल की रॉफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम की ओर से बनाई गई है। स्पाइक एटीजीएम मिसाइल की सहायता से दुश्मनों के टैंकों को युद्ध के मैदान में आसानी से नष्ट किया जा सकता है। बालाकोट में वायु सेना की कार्रवाई के बाद ही स्पाइक मिसाइल के लिए समझौता हुआ था। भारतीय सेना की ओर से इस तरह की मिसाइल की मांग बहुत समय से की जा रही थी।
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स्पाइस 2000 बम
- फोटो : एएनआई
स्पाइस बम
वायुसेना ने स्पाइस 2000 बम के एडवांस वर्जन को सेना में शामिल किया है। भारत ने इस्रारल से कुछ साल पहले 200 यूनिट खरीदी थी। स्पाइस बम एक सटीक निर्देशित बम है जो जीपीएस गाइडेंस के साथ काम करता है। यह बम किसी भी प्रकार के बंकर या घर को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
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आईएनएस वेला
- फोटो : PTI
स्कॉर्पीन पनडुब्बियां
भारत की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने के लिए फ्रांसीसी तकनीकी पर आधारित स्कॉर्पीन क्लास की पनडुब्बियों को भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया गया। स्कॉर्पियन क्लास की छह पनडुब्बियों में से भारत को चार पनडुब्बी आईएनएस कलवारी, खंडेरी, करंज और वेला पहले ही मिल चुकी हैं और वागीर और वागशीर नाम की पनडुब्बियों का निर्माण होना बाकी है।
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s-400 missile air defence system
- फोटो : south china morning
एस 400 मिसाइल डिफेंस
भारत ने रुस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए समझौता किया है। इस मिसाइल की खास बात यह है कि यह 400 किलोमीटर तक किसी भी मिसाइल, विमान या ड्रोन को नष्ट करने की क्षमता रखती है। यह दुनिया की सबसे एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। चीन के बाद डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश है।
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INS विक्रमादित्य
- फोटो : The Forthright
आईएनएस विक्रमादित्य
आईएनएस विक्रमादित्य का वजन 44,500 टन है, ये 284 मीटर लंबा और 60 मीटर ऊंचा युद्धपोत है। यह पोत देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल में ही इस पोत पर स्वदेशी विमान एलसीए तेजस की लैंडिंग और उड़ान का सफल परीक्षण किया गया है। अगले दो से तीन साल में नौसेना को आईएनएस विक्रांत विमानवाहक पोत मिल जाएगा।
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राफेल
- फोटो : dassault-aviation.com
राफेल लड़ाकू विमान
राफेल विमान के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से सामरिक शक्ति में देश का तमगा बढ़ेगा। यह पांचवी पीढ़ी की उच्च तकनीकी वाला विमान है जो दुश्मन के हर मंसूबों को खत्म करने में सक्षम है। फ्रांस की डेसाल्ट एविएशन ने इसे बनाया है। राफेल एक मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। यह दो इंजन वाला लड़ाकु विमान है जिसे हर तरह के मिशन के लिए भेजा जा सकता है।
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राजपथ पर चिनूक
- फोटो : Ravi Batra
चिनूक हेलीकॉप्टर
चिनूक हेलीकॉप्टक की सबसे खास बात इसकी तेज गति है। चिनूक चॉपर की मदद से देश के दुर्गम इलाकों में सड़क निर्माण की परियोजनाओं में मदद मिलेगी। यह एक मल्टी मिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है। चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा था। चिनूक की खासियत है कि यह छोटे हेलीपैड और घनी घाटियों में भी उतर सकता है।
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भारतीय वायुसेना का अपाचे
- फोटो : PTI
अपाचे हेलीकॉप्टर
दुनिया की सबसे अपग्रेडेड तकनीकों से लैस एएच-64ई अपाचे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक हैं। इसे अमेरिका सेना इस्तेमाल करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है और इसकी फ्लाइंग रेंज 550 किलोमीटर है। यह बेहद कम ऊंचाई से हवाई और जमीनी हमले करने में सक्षम है। अपाचे हेलीकॉप्टर का डिजाइन ऐसा है कि इसे रडार पर पकड़ पाना मुश्किल है। अपाचे एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है।
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के9 वज्र टी टैंक
- फोटो : Twitter
के-9 वज्र-टी टैंक
इसे भारत में लार्सन एंड ट्रूबो ने बनाया है और यह दक्षिण कोरिया की तकनीकी पर आधारित लंबी दूरी की आर्टिलरी गन है। इसकी 100 यूनिटों को सेना में शामिल किया जाएगा। ये 60 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की गति से चलता है। यह स्व संचालित मिसाइल है और इसकी ऑपरेशनल रेंज 480 किलोमीटर है। इसमें ऐसी खासियतें हैं जो बोफोर्स टैंक को भी पीछे छोड़ सकता है।
155एमएम और 45 कैलीबर धनुष तोप को होवित्जर तोप की तरह डिजाइन किया गया है। स्वदेश निर्मित इस तोप की मारक क्षमता इतनी खतरनाक है कि 50 किलोमीटर दूर बैठ दुश्मन को आसानी से नष्ट कर सकता है। धनुष तोप की अधिकतम मारक क्षमता दूरी 36.5 किलोमीटर है, इसमें स्वचालित बंदूक अलाइनमेंट और पोजिशनिंग की क्षमता है।