महाराष्ट्र के गांव
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आत्राम गढ़चिरौली के राज घराने से आते हैं जिनके सदस्यों ने तीस साल तक इस इलाके का लोक सभा और विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया है। वो हर राजनीतिक दल में रहे हैं। मगर इसके बावजूद गढ़चिरौली के जंगली इलाके उसी हालत में हैं जैसे वो 30 साल पहले हुआ करते थे।
धर्मराव बाबा आत्राम चुनावी भाषण की तरह हमसे बात करते हैं जबकी वो खुद सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वो कहते हैं कि सिर्फ उनकी पार्टी के शासनकाल यानी एनसीपी और कांग्रेस के शासनकाल में ही विकास हुआ है जो अब ठप्प पड़ा हुआ है।
आत्राम कहते हैं, "इस इलाके में बड़ी तादात में गरीबों को जमीन देनी थी, जो यहां काश्तकारी कर रहे हैं 30 साल से उनको पट्टा मिल नहीं सका। आदिवासियों के लिए जो योजना शुरू हुई थी जैसे होर्टीकल्चर वो बंद हो गई। जो लोगों की शादी करते थे वो बंद हो गई। डॉक्टर है तो दवा नहीं, दवा है तो गाड़ी नहीं, गाड़ी है तो ड्राईवर नहीं, दोनों गाड़ी और डॉक्टर रहने के बाद भी डीजल नहीं।"