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'कठिन है पर असंभव नहीं है मोदी के क्षेत्र में भी मेट्रो चलाना'

Fri, 07 Oct 2016 05:15 PM IST
ब्यूरो/अमर, वाराणसी
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मेट्रोमैन ई. श्रीधरन - फोटो : Amar Ujala
यातायात व्यवस्था के मामले में पिछड़े उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों में मेट्रो अपने पांव पसार रही है। नोएडा, लखनऊ और कानपुर के बाद अब वाराणसी में भी मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए निरीक्षण का काम शुरू हो गया है। 




 
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डीपीआर और अन्य चीजें ठीक

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- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो मैन ई. श्रीधरन ने शुक्रवार को वाराणसी के होटल ताज में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि काशी में मेट्रो चलाना मुश्किल काम है, लेकिन असंभव नहीं। मेट्रो रूट का निरीक्षण करने के बाद श्रीधरन ने कहा कि डीपीआर और अन्य चीजें ठीक हैं। सभी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को भेजेंगे। प्रोजेक्ट पर काम शुरू करना दोनों सरकारों की जिम्मेदारी है। 

 
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वाराणसी मेट्रो चुनौतीपूर्ण

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वाराणसी की संकरी गलियां - फोटो : Getty Images
उन्होंने कहा कि देश में बनारस मेट्रो सबसे बड़ी चुनौती है। सबसे कठिन काम है, क्योंकि यह बहुत संकरा है। फिर भी योजना आकार लेगी। रात में काम होगा। चार साल में एक कॉरीडोर, तो छह साल में दोनों कॉरीडोर को पूरा किया जाएगा। 

 
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कानपुर मेट्रो का शिलान्यास

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फाइल फोटो - फोटो : Google
बीते मंगलवार को यानी 4 अक्टूबर को कानपुर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केन्द्रीय मंत्री वेकैंया नायडू ने मेट्रो रेल लाइन प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस प्रोजेक्ट की लागत 13,721 करोड़ है। इस प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर काम कर रही है।
 
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