अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल इंडिया की उपलब्धियां बताईं
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हमारे युवा एआई, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन में...
मॉईजीओवी (MyGov) व उमंग जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को 2000 से अधिक सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ते हैं। भारत के राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म ई-संजीवनी ने 38 करोड़ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा प्रदान की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का लक्ष्य है कि हर नागरिक की एक अनूठी डिजिटल स्वास्थ्य आईडी तैयार हो। अब तक 79 करोड़ से अधिक हेल्थ आईडी, छह लाख से अधिक डॉक्टर और हेल्थ वर्कर और 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम से जुड़ चुके हैं। दीक्षा, स्वयं और पीएम ई विद्या जैसे डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म अब लाखों छात्रों तक उनकी स्थानीय भाषाओं में पहुंच रहे हैं। स्किल इंडिया डिजिटल हब और फ्यूचर स्किल्स प्राइम हमारे युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन में कौशल प्रदान कर रहे हैं।
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किसान मौसम संबंधी अपडेट, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और बाजार मूल्य डिजिटल रूप से प्राप्त कर रहे हैं। भारत के बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ ही साइबर सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत किया गया है। सीईआरटी-इन, 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन और डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 जैसी पहलें यूजर्स की प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा के प्रति भारत के पक्के इरादों को दिखाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसका एक मजबूत उदाहरण देखा गया, जब हमारी एजेंसियों ने एक साथ हो रहे कई साइबर हमलों को सफलतापूर्वक रोक लिया।