जिन लोगों ने अभी तक टीके की एक भी खुराक नहीं ली है उनमें संक्रमण का जोखिम अभी भी सबसे अधिक बना हुआ है। इन लोगों में कोरोना की मृत्युदर भी सबसे अधिक है। इतना ही नहीं बीते दिनों कोरोना की तीसरी लहर में 92 फीसदी मौतें टीकाकरण न कराने वालों की हुई हैं।
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
भारत में संक्रमण की तीसरी लहर काफी हद तक नियंत्रण में रही
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया, देश में पिछले वर्ष जब कोरोना की दूसरी लहर आई तब तक केवल 2.1 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो पाया था लेकिन तीसरी लहर तक देश के 97 फीसदी लोगों ने पहली और 82 फीसदी लोग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके। इसी का असर है कि भारत में संक्रमण की तीसरी लहर काफी हद तक नियंत्रण में रही। जिन लोगों ने दोनों खुराक लगाईं उनमें संक्रमण का बचाव 99 फीसदी तक दर्ज हुआ।
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किशोरों का टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
लोग जल्द से जल्द वैक्सीन लें
वहीं, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, टीकाकरण के जरिये कोरोना संक्रमण को रोक पाना अब वैज्ञानिक तौर पर भी साबित हुआ है। ऐसे में उन लोगों को आगे आकर टीकाकरण पूरा करना चाहिए जिनका एक या फिर दोनों खुराक लेना बाकी है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल
- फोटो : ANI
महामारी अभी खत्म नहीं: लव कुमार
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा, विश्व में औसतन एक हफ्ते से रोजाना 15 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। दुनिया भर में 6 करोड़ 18 लाख 12 हजार 031 कोरोना के सक्रिय मामले अभी भी हैं। ऐसे में लोगों को यह समझना चाहिए कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। विश्वभर में महामारी की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। ऐसे में लोगों का सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।
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कोरोना के मामले
- फोटो : पीटीआई
जर्मनी में सबसे अधिक मामले
संयुक्त सचिव ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में दुनियाभर में कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन जर्मनी में सबसे ज्यादा केस हैं। उसके बाद रूस या साउथ कोरिया में सर्वाधिक मामले हैं। उन्होंने कहा, दक्षिण कोरिया के अलावा वियतनाम, मलयेशिया, हांगकांग, थाईलैंड और न्यूजीलैंड में भी मामले बढ़ रहे हैं।
भारत में आई 55.7 फीसदी कमी
लव कुमार के मुताबिक भारत में कोरोना मामलों में 55.7 फीसदी कमी आई है। वहीं कोरोना की मृत्युदर दर में भी 76.6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। ओमिक्रॉन से पहले दुनिया में कोरोना का पहला पीक 9.04 लाख मामले एक दिन में मिलने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था लेकिन ओमिक्रॉन की लहर में यह 4.67 गुना बढ़कर 42.34 लाख मामले प्रतिदिन तक पहुंचा। हालांकि भारत में टीकाकरण अधिक होने की वजह से यह स्थिति देखने को नहीं मिली। दूसरी लहर में जहां एक दिन में चार लाख से ज्यादा मामले आए थे वहीं तीसरी लहर का पीक चार लाख से नीचे ही रहा।