लॉकडाउन और अपने अपने घरों में कैद रहने का ये सिलसिला अब तकरीबन हफ्ते भर पुराना हो चुका है। शुरुआत के एकाध दिन तो तमाम लोगों ने सोशल मीडिया के तमाम माध्यमों का मनमाना इस्तेमाल किया, तरह-तरह का खाना पकाया, सफाई की, टिक टॉक बनाया, मीम्स बनाए, चुटकुले बनाए, डर और आतंक का माहौल बनाने वाले तरह तरह के पोस्ट यहां वहां फॉरवर्ड किए, लेकिन गुजरते वक्त के साथ अब यह एकांत लोगों को हद से ज्यादा परेशान करने लगा है।
ऐसे में तमाम रचनात्मक लोग, लेखक, कलाकार, रंगकर्मी आखिर अपना वक्त कैसे बिता रहे हैं? उनके लिए इस एकांत के क्या मायने हैं और इतना लंबा वक्त काटने का उन्होंने कौन सा जरिया ढूंढा है?