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BJP Mega Plan: भाजपा ने बनाया 18 राज्य जीतने का मास्टर प्लान, पांच बिंदुओं में जानें क्या है नई रणनीति?

Sun, 03 Jul 2022 11:37 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा ने अगले दो साल में 18 राज्य फतेह के साथ-साथ लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता हासिल करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। अगर यह मास्टर प्लान काम करता है तो 11 राज्यों में भाजपा अपनी सरकार बचाने में कामयाब हो जाएगी।
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भाजपा का मिशन इलेक्शन - फोटो : अमर उजाला
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हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। आज बैठक का दूसरा दिन है। इस बैठक में भाजपा ने अगले दो साल में 18 राज्य फतेह के साथ-साथ लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता हासिल करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। अगर यह मास्टर प्लान काम करता है तो 11 राज्यों में भाजपा अपनी सरकार बचाने में कामयाब हो जाएगी। वहीं, उसे सात नए राज्यों की सत्ता भी मिल जाएगी, जहां अभी भाजपा विरोधी राजनीतिक दल सत्ता में हैं। 

अब सवाल उठता है कि क्या यह संभव हो पाएगा? भाजपा का मास्टर प्लान क्या है? यह कैसे काम करेगा? किन-किन राज्यों पर है भाजपा की नजर? आइए जानते हैं...
 
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गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
2022 में ये राज्य निशाने पर : 2022 के आखिर तक गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं। इन दोनों राज्यों में अभी भाजपा की सरकार है। ऐसे में चुनाव के लिए पार्टी ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक लगातार दोनों राज्यों का दौरा कर रहे हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों को भी इन दोनों राज्यों पर फोकस करने के लिए कहा गया है। 

2023 में इन राज्यों में होना है चुनाव : गुजरात और हिमाचल प्रदेश के बाद 2023 में देश के नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना शामिल हैं। सबसे पहले त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में चुनाव होंगे। यहां फरवरी 2023 में मौजूदा सरकारों के कार्यकाल खत्म हो रहे हैं। इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। त्रिपुरा में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में है, जबकि मेघालय और नगालैंड में गठबंधन के साथ। इसके बाद अप्रैल-मई 2023 तक कर्नाटक तो अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान व तेलंगाना में चुनाव होंगे। मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भाजपा की सरकार है, जबकि छत्तीसगढ़, राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है। तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है। मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनपी) की सरकार है। हालांकि, एमएनपी का गठबंधन भाजपा से है। मतलब भाजपा मिजोरम सरकार का भी हिस्सा है।  

2024 में क्या होगा? :  2024 में सात राज्यों में चुनाव होने हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड शामिल हैं। इनमें से हरियाणा, महाराष्ट्र को छोड़कर भाजपा की कहीं भी सरकार नहीं है। 

 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव की भी तैयारी
18 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ भाजपा की नजर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी है। भाजपा लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की कोशिश में है। इसके लिए अभी से तैयारी भी शुरू कर दी गई है। आगे पढ़िए क्या है भाजपा का मास्टर प्लान...?

 

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तिरंगा यात्रा - फोटो : अमर उजाला
1. तिरंगा आंदोलन : भाजपा ने देशभर में तिरंगा आंदोलन चलाने का फैसला लिया है। इसके जरिए भाजपा देश के राष्ट्रवादी लोगों को अपने साथ जोड़ने का काम करेगी। खासतौर पर उन युवाओं को, जो पहली बार वोट डालेंगे। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। वैसे तो तिरंगा यात्रा देश के हर जिले में निकाली जाएगी, लेकिन सबसे ज्यादा फोकस उन राज्यों पर होगा, जहां आने वाले दो साल में चुनाव है। पार्टी ने इस यात्रा के जरिए 20 करोड़ लोगों को जोड़ने का फैसला किया है। 
 
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भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
2. हर बूथ, 200 कार्यकर्ता:  मेरा बूथ, सबसे मजबूत के बाद अब भाजपा ने हर बूथ, 200 कार्यकर्ता अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत ऐसे 200 कार्यकर्ता चुने जाएंगे, जो सक्रिय रहेंगे। जिस बूथ पर भाजपा कमजोर है, वहां ज्यादा फोकस किया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए 50 हजार बूथों को चिन्हित भी किया है। बूथ के ये 200 सक्रिय कार्यकर्ता केंद्र और अगर राज्य में भाजपा की सरकार है तो राज्य की नीतियों और योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाएंगे। इन्हें इनके बूथ के अंतर्गत आने वाले घरों की पूरी जानकारी रखनी होगी। बूथ के अंतर्गत रहने वाले लोगों के हर सुख-दुख में इन कार्यकर्ताओं को जाना होगा। उनके लिए काम करना होगा। उनकी मदद करनी होगी।  
 
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भाजपा - फोटो : अमर उजाला
3. गामीण इलाकों पर नजर : भाजपा जानती है कि उसकी पकड़ शहरी इलाकों में अच्छी है। ऐसे में अब पार्टी ने ग्रामीण इलाकों पर ज्यादा फोकस करने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी के बड़े नेता गांव-गांव जाकर प्रवास करेंगे। एक से दो दिन तक गांव में रुकेंगे और आम लोगों से रिश्ते मजबूत करेंगे। केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार इसके जरिए भी किया जाएगा। 
 
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ द्रौपदी मुर्मू - फोटो : अमर उजाला
4. जातिगत समीकरण मजबूत करने पर फोकस: भाजपा ने रामनाथ कोविंद के रूप में 2017 में देश को दलित राष्ट्रपति दिया था। इस बार पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू के रूप में आदिवासी महिला को उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा और अलग-अलग विधान परिषद के चुनावों में भी भाजपा के ज्यादातर उम्मीदवार दलित और पिछड़े वर्ग से ही बनाए गए। पार्टी ने इस नीति को आगे भी मजबूती के साथ बढ़ाने का फैसला लिया है। ज्यादा से ज्यादा दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए प्लान बनाया है। इसकी जिम्मेदारी दलित और पिछड़े वर्ग से आने वाले बड़े नेताओं को दी गई है। वे घर-घर जाकर इसके लिए अभियान चलाएंगे। 
 

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योजनाओं के लाभार्थियों पर फोकस - फोटो : अमर उजाला
5. सरकारी योजना के लाभार्थियों को साधेगी भाजपा: देशभर में करीब 30 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इनमें उज्ज्वला गैस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन, हर घर नल योजना, किसान सम्मान निधि योजना, स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय समेत कई योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। भाजपा इन लाभार्थियों को वोट में बदलने की कोशिश करेगी। इसके लिए इनसे बूथ स्तर पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता संवाद स्थापित करेंगे। 
 

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भाजपा कार्यालय पहुंचे नेपाल के प्रधानमंत्री। - फोटो : अमर उजाला
ये भी है प्लानिंग का हिस्सा

Know BJP से एनआरआई पर फोकस: भाजपा ने Know BJP अभियान की शुरुआत की है। इसके जरिए दूसरे देशों के सत्ताधारी पार्टी के नेता और विपक्ष के नेताओं को पार्टी के बारे में बताया जा रहा है। पार्टी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि और मजबूत करना चाहती है, ताकि विदेशों में रहने वाले भारतीयों से अच्छे संवाद स्थापित हो सकें। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अब तक 40 से अधिक देशों के 'हेड ऑफ मिशन' के साथ संवाद कर चुके हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री, सिंगापुर के विदेश मंत्री और वियतनाम की सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेताओं को दिल्ली स्थित पार्टी के कार्यालय में बुलाकर पूरा प्रजेंटेशन भी दिखाया गया। 
 

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सर्जिकल स्ट्राइक - फोटो : अमर उजाला
सर्जिकल स्ट्राइक, 370, राम मंदिर का मुद्दा गर्म रहेगा : पार्टी ने सर्जिकल स्ट्राइक, जम्मू कश्मीर से 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे पर आगे भी लोगों से बातचीत जारी रखने का फैसला लिया है। मतलब इन मुद्दों के जरिए पार्टी विपक्षी दलों पर निशाना साधेगी। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई। 
 

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भाजपा प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन। - फोटो : अमर उजाला
प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन : पार्टी ने हर जिले में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन समय-समय पर आयोजित कराने का भी फैसला लिया है। इसके तहत शहर और गांव के डॉक्टर, व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कारोबारी, इंजीनियर, रिटायर्ड अफसर, कर्मचारी, रिटायर्ड सेना के जवान, महिलाओं, शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। 
 

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भाजपा आईटी सेल - फोटो : अमर उजाला
डिजिटल विंग को मजबूत बनाना : भाजपा का ज्यादातर काम सोशल मीडिया पर एक्टिव युवा करते हैं। ज्यादातर योजनाओं का प्रचार भी इसी के जरिए होता है। ऐसे में पार्टी ने ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अपने डिजिटल विंग से जोड़ने का फैसला लिया है।
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