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Banking New Rule: एटीएम से पैसे निकालना महंगा, न्यूनतम बैलेंस के नियम सख्त; इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब पर

Mon, 31 Mar 2025 08:09 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Banking New Rule: 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है। इस दौरान कई बड़े बदलाव भी हो रहे हैं। बैंकिंग नियमों में हो रहे इन बइलावों को सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। इससे लोगों की जेब पर भी प्रभावित होगी। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से नियमों में होगा संशोधन...
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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
1 अप्रैल, 2025 से नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत हो रही है। इस तारीख से आपकी जेब और जिंदगी पर सीधा असर डालने वाले कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इस दौरान टैक्स, बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, जमा, बचत व जीएसटी से जुड़े नियमों में संशोधन हो रहा है। इन बदलावों का मकसद करदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, उपभोक्ताओं और व्यवसायों को राहत देकर खर्च एवं खपत को बढ़ाना है, ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार को मजबूती मिल सके।

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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
एटीएम से पैसे निकालना महंगा, हर अतिरिक्त निकासी पर 23 रुपये शुल्क
एटीएम से पैसे निकालना एक मई, 2025 से महंगा हो जाएगा। आरबीआई ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर एटीएम इंटरचेंज शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव से एटीएम का बार-बार इस्तेमाल करने वाले ग्राहक प्रभावित होंगे, क्योंकि शुल्क वृद्धि से निकासी लागत बढ़ जाएगी।अधिसूचना के मुताबिक, एक मई से ग्राहकों को मुफ्त निकासी सीमा के बाद हर लेनदेन के लिए दो रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यानी हर नकद निकासी पर 21 रुपये की जगह अब 23 रुपये शुल्क लगेगा। दरअसल, एटीएम से मुफ्त नकदी निकासी की एक सीमा तय है। मेट्रो शहरों में ग्राहक एक महीने में अपने बैंक के एटीएम से पांच बार और दूसरे बैंक के एटीएम से तीन बार बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। इसके बाद ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।

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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
बचत और एफडी पर ब्याज दरों में संशोधन
कई बैंकों ने एक अप्रैल से ही बचत और एफडी खाते के ब्याज दरों में बदलाव करने की घोषणा की है। इसके मुताबिक, खाते में जमा राशि के आधार पर ब्याज दरों का निर्धारण किया जाएगा। यानी खाते में बड़ी राशि रखने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज दिया जा सकता है।

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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
न्यूनतम बैलेंस के सख्त होंगे नियम
बैंकों में न्यूनतम बैलेंस के नियम और सख्त होने जा रहे हैं। एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा समेत कई बैंकों के ग्राहकों को एक अप्रैल से शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों के हिसाब से अपने बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करना पड़ सकता है। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना भरना पड़ेगा। जुर्माना राशि बैंक खाते की श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग होगी। बैंक ग्राहकों को शहरी इलाकों में 5,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,000 रुपये न्यूनतम बैलेंस रखना पड़ सकता है।

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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
क्रेडिट कार्ड से जुड़े बेनेफिट में कटौती
एसबीआई कार्ड्स ने एक अप्रैल से कुछ लोकिप्रय क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट्स घटाने की घोषणा की है। सिंपली क्लिक एसबीआई कार्ड यूजर्स को स्विगी पर 10 गुना की जगह सिर्फ पांच गुना रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे। एअर इंडिया एसबीआई प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड पर पहले हर 100 रुपये खर्च करने पर 15 रिवॉर्ड पॉइंट मिलते थे, जो घटकर 5 रह जाएंगे। एअर इंडिया एसबीआई सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट 30 के बजाय सिर्फ 10 रह जाएंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 31 मार्च, 2025 से क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड के माइलस्टोन बेनेफिट बंद करने जा रहा है।
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1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम - फोटो : Adobe Stock
जीएसटी: पंजीकरण 30 दिन में
वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने व्यवसायों के लिए ई-इनवॉइसिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है। एक अप्रैल, 2025 से, 10 करोड़ रुपये से अधिक और 100 करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबार वाले व्यवसायों को इनवॉइस जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर इनवॉइस पंजीकरण पोर्टल पर ई-इनवॉइस अपलोड करना होगा। वर्तमान में यह 30 दिवसीय प्रतिबंध सिर्फ 100 करोड़ या उससे अधिक वाले व्यवसायों पर लागू होता है। अगर कोई ई-चालान 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किया जाता है, तो इसे आईआरपी की ओर से स्वचालित रूप से खारिज कर दिया जाएगा।

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