आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र में स्थिति प्रशासन के काबू के बाहर होती जा रही है। लगातार तीसरे दिन रविवार की शाम पुलिस की मौजूदगी में उपद्रवियों ने एक आरा मशीन में आग लगाने के अलावा मोबाइल की दूकान लूटने का भी प्रयास किया।
विज्ञापन
2 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
इस बीच सड़क पर निकल रहे दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को नाम पूछ-पूछकर पीटा गया। फरिया से बनगांव और फरीदाबाद तक तीन किलोमीटर सड़क पर उपद्रवियों की मनमानी तकरीबन तीन घंटे तक चलती रही। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक रही और ग्रामीण घरों में दुबके रहे। रात 10 बजे भारी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स ने भीड़ को तितर बितर किया।
विज्ञापन
3 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
इस मामले में 21 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार की सुबह पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थिति बिगाड़ने के दोषी नेताओं की भी गिरफ्तारी होगी।
4 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
उपद्रव करने वालों और अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर रासुका लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उधर, लखनऊ से गृह विभाग भी आजमगढ़ की स्थिति की लगातार जानकारी लेता रहा। जिलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं। क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
विज्ञापन
5 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
सभी बाजार, स्कूल और पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में नेताओं के घुसने पर रोक लगा दी गई। क्षेत्र की भाजपा सांसद नीलम सोनकर को भी प्रशासन ने लौटा दिया। हिंसा न थमने पर फरिया, बनगांव, फरीदाबाद, खुदादादपुर, संजरपुर, सरायमीर में 12 कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ, एक कंपनी सीआरपीएफ के अलावा भारी संख्या में स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि जिले में इंटरनेट सेवाएं 18 मई तक बंद रहेंगी।
विज्ञापन
6 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
रविवार को दिन भर शांत रहने के बाद शाम को तकरीबन छह बजे फरीदाबाद, बनगांव एवं खुदादादपुर में दोनों वर्गों के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर निकल आए। इसमें से काफी लोग बनगांव में शेखावत की आरा मशीन के पास एकत्रित थे। पुलिस ने यहां से लोगों को भगाने का प्रयास किया तो लोग गाली गलौज करने लगे। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा तो भीड़ ने पुलिस और पीएसी की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इस पर पीएसी ने लाठी भांज कर लोगों को खदेड़ दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद लोग फिर इकट्ठा हुए और पेट्रोल भरी बोतल फेंककर आरा मशीन में आग लगा दी।
विज्ञापन
7 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
इसी बीच कुछ उपद्रवियों ने सौ मीटर दूर मोबाइल की दूकान को भी लूटने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। आरा मशीन की आग भी स्थानीय लोगों ने खुद ही बुझाई। शाम सात बजे के बाद भीड़ सड़क पर अराजक हो गई। पुलिस की मौजूदगी में सड़क पर निकल रहे पैदल और दो पहिया वाहन चालकों से नाम पूछकर पीटा गया। इससे पूरे इलाके में दंगा होने की अफवाह फैल गई। स्थिति काबू से बाहर होते देख अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया।
8 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
इसके बाद पुलिस ने रात में ही खुदादादपुर से दो लोगों समेत सात व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा रात में घरों से भी कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सोमवार की सुबह पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक दलजीत चौधरी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वह वहीं कैंप कर रहे हैं। सरायमीर थाने में उन्होंने अधिकारियों के साथ दो घंटे तक बैठक करके घटना की सिलसिलेवार जानकारी ली। इसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
9 of 10
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
शाम को सरायमीर थाने में ही शांति समिति की बैठक में चौधरी ने लोगों से शांति व्यवस्था बहाल करने में सहयोग की अपील की। साथ ही चेतावनी भी दी कि घटना के दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं।
मालूम हो कि तीन दिन पहले 14 मई को खुदादादपुर में दो व्यक्तियों के झगड़े के बाद स्थिति बिगड़ गई और इसने दो समुदायों के झगड़े का रूप ले लिया। इसमें एक समुदाय के लोगों ने खुदादादपुर के मुसाफिर के घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की। मुसाफिर के परिवार को जान बचाकर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी। उसका परिवार अभी भी गांव नहीं लौटा है। इसी दौरान एक धार्मिक स्थल से ऐलान के बाद स्थिति और बेकाबू हुई और भीड़ की ओर से पथराव एवं फायरिंग में सीओ, एसडीएम, तहसीलदार के अलावा पांच सिपाही घायल हो गए। 14 मई की घटना को रात में पुलिस ने किसी तरह नियंत्रित किया।