भारत-पाकिस्तान के 'अटारी-वाघा' बॉर्डर पर प्रतिदिन आयोजित होने वाले सीमा सुरक्षा बल के 'बीटिंग रिट्रीट समारोह' के कई अनछुए पहलू हैं। सूरज ढलने से पहले, दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज उतारे जाते हैं। इससे पहले, दोनों देश, अपनी-अपनी सीमा में 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह आयोजित करते हैं। भारतीय सीमा में जेसीपी अटारी पर बना विशाल परिसर, रोजाना 25 हजार दर्शकों से खचाखच भरा रहता है। दर्शकों को 'आक्रामक' मूड में लाने के लिए जहां पाकिस्तानी की तरफ कई लोग ढोल बजाते हुए नजर आते हैं, तो वहीं 'बीएसएफ' का केवल एक ही जवान, वह काम कई गुना तेजी से कर देता है। पिछले नौ साल के दौरान वह जवान, अपनी विभिन्न भाव-भंगिमाओं से लाखों लोगों का जोश एवं उत्साह बढ़ाकर उन्हें आक्रामक मूड में ला चुका है। यहां तक कि पाकिस्तानी रेंजर्स भी उनके इस जोशीले अंदाज पर हतप्रभ रह जाते हैं।