उत्तराखंड की राजधानी देहरादून...। रविवार का दिन यहां के लिए खास था। 'अमर उजाला संवाद - उत्तराखंड' के लिए यहां अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां जो जुटीं थीं। इन हस्तियों ने अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। यह दूसरा मौका था, जब देहरादून में ऐसा संवाद हुआ। विचारों को जानने के सिलसिले की शुरुआत एक ऐसे व्यक्तित्व से हुई, जो धर्म और अध्यात्म से जुड़े विषयों को लोगों के मन से जोड़ना जानते हैं। ये वक्ता थे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज। फिर अध्यात्म की राह विकास से तब जुड़ गई, जब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री अजय टम्टा ने विकसित भारत की बात की।
इन दो महत्वपूर्ण सत्र के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट के मार्केटिंग हेड अजय डांग और टाटा मोटर्स के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (सीवीबीयू) शुभ्रांशु सिंह ने 'देश के विकास की बात' विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पर्यावरण की चिंताओं के बीच विकास कितना जरूरी है और दोनों के बीच संतुलन कितना महत्वपूर्ण है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार, राज्य के सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगौली और ग्राफिक एरा के प्रो-चांसलर डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने उच्च शिक्षा से जुड़े मिथकों पर चर्चा की। फिर इस्कॉन से जुड़े आध्यात्मिक वक्ता अमोघ लीला दास प्रभु आए और उन्होंने 'कामयाबी की राह' पर युवाओं को उन्हीं के अंदाज में संबोधित किया। उन्होंने सफलता का राज दिलचस्प तरीके से बताया और ईर्ष्या, द्वेष, द्वंद्व और समय प्रबंधन जैसे मुद्दों पर बात की।
कामयाबी की राह जानने के बाद श्रोताओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सुना, जिन्होंने राज्य में हो रहे विकास कार्यों से जुड़े पहलुओं से रूबरू कराया। अमर उजाला के ही मंच पर उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। कांग्रेस से हरीश रावत और भाजपा से डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने संवाद में शिरकत की और राज्य के विकास के मुद्दे पर अपने-अपने विचार रखे।
संवाद के आखिरी तीन सत्र भी बेहद खास रहे। एक सत्र में स्टार क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने विश्व कप, पाकिस्तान, सियासत और अपनी चोट पर बात की। वहीं, दीपा मलिक, मुरलीकांत पेटकर और देवेंद्र झाझरिया जैसे पैरालंपियन ने जोश, जज्बे और जुनून से भरी अपनी ऐसी कहानियां बताईं, जिन्हें सुनकर श्रोता भी भावुक हो गए। समापन अभिनेता जॉन अब्राहम के सत्र के साथ हुआ। संवाद में जुटे उनके प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वे मॉडलिंग, बॉडी बिल्डिंग जैसे मुद्दों पर बात करेंगे, लेकिन जॉन ने चौंकाते हुए फिल्मों के चयन के पीछे की अपनी सोच, अपनी सादगीभरी जीवनशैली और सोशल मीडिया से दूरी पर बात की।
यहां पढ़िए, दिनभर के संवाद का सार...