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2,82,076 परिवारों को अभी भी है अपने 'हीरो' की रिहाई का इंतजार, भाग्यशाली हैं सलमान

Sat, 07 Apr 2018 06:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सलमान खान की फैन फॉलोइंग ही है जो उन्हें उन यातनाओं से बचा लेती है, जिस पर एक आम कैदी अपनी जिंदगी में टूट जाता है। सलमान दो बड़े मामलों में जेल गए। एक हिट एंड रन केस और दूसरा काले हिरण का शिकार मामला, लेकिन इन दोनों गलतियों पर सलमान ने वो यातनाएं नहीं भोगी जिन्हें एक आम कैदी होता तो शायद अभी जेल की न जाने कितनी रातें काटनी पड़ गईं होती। 
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सलमान होने का मिला फायदा

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बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिट एंड रन मामले में अभिनेता सलमान खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। 13 साल पुराने इस मामले में फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश एआर जोशी ने कहा था कि अभियोजन पक्ष की दलीलें और साक्ष्य मजबूत नहीं हैं। तो अब काला हिरण शिकार मामले में भी दो रात जेल काटने के बाद सलमान को जमानत मिल गई। इससे पहले इस मामले में उन्हें निचली अदालत ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। जमानत प्रक्रिया के बाद सलमान छूट गए लेकिन क्या कोई आम कैदी होता तो इतनी जल्दी छूटता?
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फास्ट रिलीफ

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हिट एंड रन मामले में सलमान दो घंटे तनाव में रहे और फैसले ने उन्हें राहत दे दी। वहीं काला हिरण शिकार मामले पर उन्हें सिर्फ दो रात जेल की काटनी पड़ी। आप जरा एक नजर डालिए भारत में ऐसे कितने मामले हैं जिनमें सजा नहीं सुनाई गई है और आरोपी सालों से जेल में बंद हैं। 

ये है दुर्भाग्य

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भारतीय जेलों में कुल मिलाकर 4,19,623 कैदी बंद हैं।
1,34,168 कैदियों की सजा का एलान कर दिया गया है।
वहीं 2,82,076 कैदियों का केस अभी चल रहा है। यानी अभी उन पर दोष भी सिद्ध नहीं हो सका है।  
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असर-ए-इंतजार

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जाहिर है आधे से ज्यादा कैदियों को जेल में जिंदगी बितानी पड़ रही है और न्याय का इंतजार है। वहीं दूसरी तरफ सलमान का स्टारडम उन्हें 48 घंटों में राहत दिला देता है। यानी कानून के लिए सबके प्रति एक समान भावना होते हुए भी नहीं दिखती। 
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क्या होता है सलमान होना?

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एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जेलों में दोष सिद्ध हुए बिना ही 1.3% कैदी 5 साल बिता चुके हैं।
वहीं दोषी साबित हुए बिना ही 4.1% कैदी 3 से 5 साल जेल में काट चुके हैं। 
इसी तरह 2-3 साल 6.3% लोग कैद भुगत चुके हैं जबकि उन पर अब तक कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है यानी मामले पर सुनवाई भी पूरी नहीं हुई है। 
1-2 साल जेल में बिताने वाले 13.4% आरोपी सुनाई को तरस रहे हैं। 
बिना सजा के ऐलान हुए साल भर जेल में यातनाएं भुगतने वालों का प्रतिशत 17.8 है।
21.6% आरोपी 3-6 महीने कोर्ट की सुस्ती का शिकार हैं।
वहीं 35.2% लोग किसी न किसी आरोप के चलते जेल में 3 महीने से बंद हैं। और सुनवाई पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
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अंधा कानून!

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भारतीय न्याय प्रणाली वैसे ही कटघरे में नहीं है। कई ऐसे कारण हैं जिनके चलते आए दिन न्याय व्यवस्था का बोझ बढ़ रहा है। सलमान और उनके फैंस अपने टाइगर के जेल से छूटने पर जश्न बना रही है लेकिन 2,82,076 परिवारों को अभी भी परेशानी में पड़े अपनों के लिए दुआ का दौर जारी है। 
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