घायलों में ये बच्चे शामिल
घायलों में स्नेहा पुत्री विनोद, अंकित पुत्र अनिल, अंशुल पुत्र कमलेश, हेमंत पुत्र रण सिंह, वंश पुत्र मनोहर, हार्दिक पुत्र हेमराज और रियांश पुत्र कमलेश शामिल हैं। इनमें अधिकांश बच्चे शंठा गांव के बताए गए हैं। यह बच्चे राजकीय स्कूल देवत में पढ़ते हैं। बच्चे गाड़ी के देवत से अपने घर जा रहे थे। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रशासन की ओर से एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने अपनी उपस्थिति में हादसे में मृत छात्रा के परिवार को 20 हजार रुपये और प्रत्येक घायल को 5 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
हादसे से खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, घायलों बच्चों को नहीं मिली एक्सरे और एंबुलेंस सुविधा
चौपाल उपमंडल में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र की स्वास्थ्य एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। हादसे में घायल हुए स्कूली बच्चों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल चौपाल पहुंचाया गया, लेकिन यहां उन्हें कथित तौर पर एक्सरे की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी और घायलों को शिमला ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिल पाई। जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए शिमला रेफर किया गया। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को निजी वाहनों से शिमला भेजना पड़ा। वहीं जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने भी मानवीय पहल करते हुए कुछ घायल बच्चों को अपने निजी वाहन से शिमला पहुंचाया।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा, डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा और ग्राम पंचायत देवत के पूर्व प्रधान योगेश अजटा सिविल अस्पताल चौपाल पहुंचे और अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और उनके उपचार एवं शिमला रेफर किए जाने की व्यवस्था को देखा। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी गंभीर सड़क हादसे में एक साथ कई घायल अस्पताल पहुंचते हैं और उस समय एक्सरे जैसी बुनियादी जांच सुविधा तथा एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं होती, तो दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे में एक छात्रा की मौत और कई बच्चों के घायल होने के बाद लोगों में शोक के साथ स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन तैयारियों को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से चौपाल अस्पताल में पर्याप्त जांच सुविधाएं और हर समय एंबुलेंस उपलब्ध करवाने की मांग की है।