मानसून के बीच हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सितंबर में बर्फ की हल्की सफेद चादर बिछ गई है। गुरुवार को रोहतांग, धौलाधार और किन्नौर कैलाश समेत कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा और कांगड़ा की ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई है। डल झील और गौरी कुंड के आसपास हिमपात होने से मणिमहेश यात्रा भी प्रभावित हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य पर्वतीय इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है। मौसम के इस बदले मिजाज के चलते पहाड़ों पर अचानक ठंड बढ़ गई है। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, शिमला और किन्नौर के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान दस डिग्री से नीचे आ गया है। उधर, चंबा में बिजली गिरने से 30 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जबकि सुंदरनगर में भूस्खलन से तीन मंजिला दो मकान और दो कारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारिश-भूस्खलन से प्रदेश में 60 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जबकि 31 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं।