ठियोग में पहाड़ी से मलबा-चट्टानें गिरीं
स्कूल को सामुदायिक भवन में शिफ्ट करना पड़ा है। यहां 500 से अधिक सेब के पेड़ नष्ट हो गए, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है। शिमला के ठियोग में पहाड़ी से मलबा-चट्टानें गिरने से सड़क किनारे पार्क एक कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। रामपुर की गानवी और समेज खड्डें फिर उफान पर हैं। 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना के बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। निचले क्षेत्रों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। प्रदेश भर में एनएच समेत 109 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जबकि 30 जलापूर्ति योजनाएं ठप हैं।
इतने दिन बरसेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार से नौ अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मंगलवार को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों में भी बारिश के आसार हैं। छह अगस्त को छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। उधर, ऊना जिले में सोमवार को सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हमीरपुर जिले में भी सुबह बारिश हुई। इसके बाद मौसम सामान्य बना रहा। हालांकि, दोपहर से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे।
दरोबड़ में अस्थायी ढांचा ढह गया
ग्राम पंचायत नारा के गांव दरोबड़ में बारिश के कारण गोशाला के साथ बनाया गया अस्थायी ढांचा ढह गया। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता से मलबे में फंसे सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मंडी जिले में रुक-रुक कर बारिश से जिले में अभी भी कई सड़कें बंद हैं। सिरमौर जिले में रविवार रात और सोमवार को हुई बारिश और भूस्खलन से कई सड़कों पर यातायात ठप रहा। सतौन के पास भूस्खलन से पांवटा-शिलाई एनएच दो घंटे बाधित रहा। इस दौरान जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही।
पांवटा साहिब में सर्वाधिक 75.8 मिलीमीटर बारिश
रविवार को हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पांवटा साहिब में सबसे अधिक 75.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। नयना देवी में 68.2, ठियोग में 40, कोठी में 35.2, रामपुर में 30 और धर्मशाला में 28 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि गोहर में 22, रेणुकाजी और धौलाकुआं में 20-20, मनाली में छह मिलीमीटर वर्षा हुई।