मुख्यमंत्री ने कहा कि हम रोज पूजा करते हैं। गाय की पूजा करते हैं, कंजक पूजन करते हैं। हमसे बड़ा सनातनी कौन हो सकता है। भाजपा वाले सनातनी होने का सर्टिफिकेट देते फिरते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था किसी राजनीतिक दल की बपौती नहीं है। साथ ही कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में 40 साल पुरानी व्यवस्था को बदलकर पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। सीएम सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल में इतिहास बदलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ. वाईएस परमार की पत्नी होती थीं जो छह साल दो दिन रहीं और वह छह साल तीन दिन रहे। किसी भी पद पर वह लंबे वक्त तक रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात में प्रदेश के सैनिकों ने देश के लिए सबसे अधिक वीरता पदक हासिल किए हैं और अनेक युवाओं ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले हिमाचल के युवाओं की बड़ी संख्या में सेना में भर्ती होती थी, लेकिन अब भर्ती के अवसर कम हो गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पुलिस सहित विभिन्न विभागों में लगातार भर्तियां शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के तुरंत बाद पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई की गई। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं गया।
अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भंग किया गया और मामले में संलिप्त लोगों को जेल भेजा गया। उन्होंने नीट पेपर लीक का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल आज देश में गुणवत्ता के आधार पर पांचवें स्थान पर है और सरकार इसे और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एम्स, नई दिल्ली के स्तर की आधुनिक मशीनरी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है।
नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा
इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के सचिव व हिमाचल प्रभारी ज्योतिष एचएम, विधायक केवल सिंह पठानिया समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, मैं भी आप जैसे सामान्य परिवार से हूं। संगठन ने मुझे आगे बढ़ने का अवसर दिया और आज मैं इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा हूं।