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Yamunanagar: बादल फटने से सोम नदी में उफान, मेडिकल कॉलेज के छात्रों समेत 11 फंसे, पुलिस ने बहादुरी से बचाया

Mon, 14 Aug 2023 08:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

बादल फटने से सोम नदी में उफान आ गया। मेडिकल कॉलेज के तीन छात्र समेत 11 लोग इसमें फंस गए। वह अंबाला से आदिबद्री में माता मंत्रा देवी दर्शन के लिए गए थे, हिमाचल में बादल फटने से नदी उफान पर आ गई। जान जोखिम में डाल एसएचओ और चौकी प्रभारी ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया।
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आदिबद्री में रेस्क्यू के दौरान पानी में गिरते एसएचओ जगदीश चंद्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से यमुनानगर के रणजीतपुर क्षेत्र से गुजर रही सोम नदी में एकबार फिर उफान आ गया। नदी में अधिक पानी आने से शनिवार रात आदिबद्री में माता मंत्रा देवी के दर्शन करने गए जिला अंबाला के मुलाना मेडिकल कॉलेज के तीन छात्र और आठ ग्रामीण फंस गए। सूचना पर थाना बिलासपुर के एसएचओ जगदीश चंद्र और रणजीतपुर चौकी इंचार्ज रमन ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला। रात के अंधेरे में रेस्क्यू करने के दौरान खुद दो बार एसएचओ जगदीश चंद्र भी पानी में बहते-बहते बचे।

अंबाला कैंट के सुंदर नगर निवासी अनुग्रह, कैथल के गांव जड़ौला निवासी अभिषेक और नई दिल्ली में पालम दिवारिका कॉलोनी निवासी उमंग जैन तीनों मुलाना मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं। तीनों रविवार दोपहर बाद बाइक पर आदिबद्री में श्री केदारनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे।
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छात्रों को बचाते एसएचओ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद तीनों 1800 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित माता मंत्रा देवी के दर्शन करने चले गए। पहाड़ पर चढ़ने के लिए सोम नदी को पार करके जाना पड़ता है। जब वह मंदिर में पहुंचे तो अचानक तेज बारिश होने लगी। छात्र मंदिर में ही बारिश रुकने का इंतजार करने लगे।
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आदिबद्री मे एसएचओ व चौकी इंचार्ज के साथ रेस्क्यू किए गए छात्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई घंटे बारिश नहीं रुकी तो शाम होने पर वह नीचे उतरने लगे। तब तक हिमाचल में बादल फटने के बाद सोम नदी में उफान आ चुका था। उफनती सोम को देख तीनों छात्रों के होश उड़ गए। इससे पहले आसपास के इलाकों से आए आठ ग्रामीण भी इसी तरह मंदिर से नीचे आए थे। खुद को फंसा देख छात्रों और ग्रामीणों ने पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नेटवर्क नहीं होने के कारण निराश हो गए। यहां मोबाइल में कभी हरियाणा तो कभी हिमाचल प्रदेश का नेटवर्क आता है।

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आदिबद्री में सोम नदी में फंसे छात्रों का रेस्क्यू करते एसएचओ व ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काफी देर बाद एक छात्र के मोबाइल में नेटवर्क आया तो फोन करने पर पुलिस कंट्रोल रूम शिमला का नंबर मिला। शिमला से यमुनानगर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना आई। जिला कंट्रोल रूम से थाना बिलासपुर एसएचओ जगदीश चंद्र को फोन कर स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद एसएचओ जगदीश चंद्र और रणजीतपुर चौकी इंचार्ज रमन मौके पर पहुंचे।
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आदिबद्र में सोम नदी से छात्रों को निकालने में मदद करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह मंदिर से रस्सा लेकर सोम नदी किनारे गए, परंतु छात्र नदी के पार नहीं मिले। रात को नदी के पानी का शोर भी बहुत ज्यादा था, जिस कारण दूसरी तरफ आवाज भी नहीं पहुंच रही थी। तब माइक की मदद से आवाज लगाकर छात्रों को नदी के किनारे आने के लिए कहा गया। उफनती नदी को देख कोई भी दूसरे किनारे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तब एसएचओ और चौकी इंचार्ज रस्सा लेकर दूसरी तरफ गए। छात्रों व ग्रामीणों को रेस्क्यू करने में भी करीब ढाई घंटे लगे। रेस्क्यू के बाद तीनों छात्रों को थाना बिलासपुर ले जाया गया, जहां पर उन्हें भोजन कराया गया। फिर सुबह उन्हें कॉलेज में भेज दिया गया।
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आदिबद्री स्थित सोम नदी से छात्र का रेस्क्यू करते एसएचओ व चौकी इंचार्ज। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिर्फ अपनी ड्यूटी की है : एसएचओ
एसएचओ जगदीश चंद्र ने बताया कि पुलिस का काम हर किसी की मदद करना है। उन्होंने सिर्फ अपनी ड्यूटी की है। अपना कर्तव्य निभाते हुए छात्रों को बचाया। इस काम में सभी का सहयोग रहा।
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