धरनास्थल से अध्यापकों के सामान को हटाती पुलिस।
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आरोप है कि पुलिस ने धरनास्थल पर भी शेड के नीचे लगे टेंट, परदों को उखाड़ दिया और वहां पड़े सामान को जब्त कर लिया। इसके बाद टीचरों को हिरासत में लेकर रोडवेज की बसों में बिठा दिया गया और अलग-अलग जिलों जैसे अंबाला, करनाल, कैथल आदि बस स्टैंडों पर जाकर छोड़ दिया गया। दूसरी ओर इस संबंध में एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को एक जगह एकत्रित होने से मना गया था, लेकिन नहीं मानने के बाद उन्हें अलग-अलग जगहों पर छोड़ा गया। किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं की गई है।