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एक साल का संघर्ष खत्म: बॉर्डर से सामान समेटने लगे किसान, 24 घंटे के बाद ही पूरी तरह से खाली हो पाएंगी सड़कें

Thu, 09 Dec 2021 03:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
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बॉर्डर से सामान हटाते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहा किसान आंदोलन आज 378वें दिन समाप्ह हो रहा है। किसानों का एक साल से अधिक का संघर्ष खत्म हुआ है। एसकेएम के एलान के बाद किसान खुशी-खुशी घर वापसी को तैयार है। किसानों व सरकार के बीच सहमति बनने के बाद कुंडली बॉर्डर पर आज संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हुई, जिसमें आंदोलन वापसी का निर्णय लिया है। वहीं, बॉर्डर पर सालभर से धरनारत किसानों ने अपना सामान, तंबू व झोंपड़ियां समेटने शुरू कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि वे मोर्चा के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। आदेश मिलते ही यहां से खुशी-खुशी अपने घरों को रवाना होंगे। इससे पहले कुंडली बॉर्डर पर सबसे पहले मोर्चा द्वारा गठित 5 सदस्यीय कमेटी की बैठक हुई। फिर मोर्चा की 9 सदस्यीय कमेटी ने बैठक की और अब संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक भी खत्म हो चुकी है। एसकेएम ने 11 को घर वापसी का एलान कर दिया है।
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संघर्ष की जीत के बाद किसानों के चहरे पर खुशी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

वापसी की प्रक्रिया में लगेगा समय

किसान मोर्चों से किसानों की वापसी की प्रक्रिया दो-तीन दिन चलने की उम्मीद है। सामान पूरी तरह से समेटने में 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है। कई जगह पर पक्के निर्माण भी किसानों ने बना लिए थे, जिन्हें खुद ही गिरा कर जाने का वायदा किसानों ने किया था।

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खुशी का इजहार करतीं महिला किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बॉर्डर पर किसानों ने कहा कि यह उनके संघर्ष की जीत हुई है। मोर्चा फतेह करके वह घर जा रहे है, इस बात की उन्हें खुशी है।

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बॉर्डर से सामान समेटता किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसकेएम ने घोषणा की है कि उनकी सरकार से सहमति बन जाने के बाद एसकेएम किसी राजनीतिक पार्टी का विरोध नहीं करेगा। किसी उद्यमी का भी अब विरोध नहीं किया जाएगा।
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टेंट हटाते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों ने कुंडली बॉर्डर से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। लेकिन कई किलोमीटर में मोर्चा होने के कारण सामान लेकर जाने में समय लगेगा।
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