बाइक रैली के साथ जवान के पार्थिव शरीर को लाते परिजन व युवा।
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परिजनों ने बताया कि सुशील कुमार की ट्रेन में ऊपर वाली सीट बुक थी। जब वह आगरा के पास पहुंचे तो अचानक ट्रेन में ही सीट से नीचे गिर गए थे, जिससे उसके सिर में चोटें आईं। उनके साथ जा रहे एक अन्य साथी ने उन्हें आगरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था, वहां से उन्हें भोपाल एम्स में रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने उनके सिर का ऑपरेशन किया। परिजनों के अनुसार, रविवार शाम चार बजे सुशील कुमार को होश आया था, वहां आधे घंटे बाद ही उनका निधन हो गया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे आईटीबीपी की टीम सुशील कुमार के पार्थिव शरीर को लेकर गोहाना पहुंची। यहां युवा व परिजन सोनीपत मोड़ से उनके घर तक सुशील कुमार का पार्थिव शरीर बाइक रैली के साथ लेकर आए।