फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोनीपत: छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर जा रहे आईटीबीपी के जवान की ट्रेन में गिरकर मौत, सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार

Mon, 07 Feb 2022 09:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)

सार

सोमवार दोपहर करीब एक बजे आईटीबीपी की टीम सुशील कुमार के पार्थिव शरीर को लेकर गोहाना पहुंची। यहां युवा व परिजन सोनीपत मोड़ से उनके घर तक सुशील कुमार का पार्थिव शरीर बाइक रैली के साथ लेकर आए।
विज्ञापन
1 of 5
बाइक रैली के साथ जवान के पार्थिव शरीर को लाते परिजन व युवा, बच्चों के साथ सुशील कुमार की पत्नी व अन्य परिजन, बेटी के साथ सुशील का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना कस्बे के वार्ड 13 स्थित अपने घर पर करीब एक महीने की छुट्टी पूरी होने के बाद ड्यूटी पर जा रहे आईटीबीपी के जवान की ट्रेन में गिरने के कारण मौत हो गई। सोमवार को उनके शव को आईटीबीपी की टीम गोहाना लेकर पहुंची। यहां परिजन व युवा बाइक रैली के साथ भारत माता की जय के नारे लगाते हुए पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंचे। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर का रोहतक रोड स्थित श्मशान भूमि में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वार्ड 13 स्थित खासा स्कूल वाली गली के हरिजन मोहल्ला निवासी सुशील कुमार (39) आईटीबीपी में जवान के पद पर तैनात थे। फिलहाल छत्तीसगढ़ के राजलल क्षेत्र में उनकी ड्यूटी थी। सुशील कुमार नववर्ष पर 1 जनवरी को एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे। परिजनों के अनुसार छुट्टी समाप्त होने के बाद सुशील कुमार 1 फरवरी को घर से ड्यूटी के लिए गए थे। उसी दिन उन्होंने दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेन पकड़ी थी।
विज्ञापन

2 of 5
बाइक रैली के साथ जवान के पार्थिव शरीर को लाते परिजन व युवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों ने बताया कि सुशील कुमार की ट्रेन में ऊपर वाली सीट बुक थी। जब वह आगरा के पास पहुंचे तो अचानक ट्रेन में ही सीट से नीचे गिर गए थे, जिससे उसके सिर में चोटें आईं। उनके साथ जा रहे एक अन्य साथी ने उन्हें आगरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था, वहां से उन्हें भोपाल एम्स में रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने उनके सिर का ऑपरेशन किया। परिजनों के अनुसार, रविवार शाम चार बजे सुशील कुमार को होश आया था, वहां आधे घंटे बाद ही उनका निधन हो गया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे आईटीबीपी की टीम सुशील कुमार के पार्थिव शरीर को लेकर गोहाना पहुंची। यहां युवा व परिजन सोनीपत मोड़ से उनके घर तक सुशील कुमार का पार्थिव शरीर बाइक रैली के साथ लेकर आए।
विज्ञापन

3 of 5
सुशील कुमार को अंतिम सलामी देते आईटीबीपी के जवान, बेटी के साथ सुशील का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद परिजनों को उनके आखिरी दर्शन कराने के बाद सुशील कुमार का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार डॉ. प्रमोद कुमार, भाजपा के मंडलाध्यक्ष अरुण बड़ौक समेत काफी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। 

4 of 5
बच्चों के साथ सुशील कुमार की पत्नी व अन्य परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पिथौरगढ़ से 2020 में तबादला होकर गए थे छत्तीसगढ़ 

सुशील कुमार 17 जुलाई, 2012 में बतौर कांस्टेबल आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। उनकी शुरुआती नियुक्ति पिथौरगढ़ में हुई थी। करीब आठ साल बाद वर्ष 2020 में उनका तबादला छत्तीसगढ़ के राजलल क्षेत्र में हुआ था और तभी से सुशील कुमार वहां ड्यूटी दे रहे थे। आईटीबीपी की टीम ने उन्हें अंतिम सलामी दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बाइक रैली के साथ जवान के पार्थिव शरीर को लाते परिजन व युवा, बच्चों के साथ सुशील कुमार की पत्नी व अन्य परिजन,सुशील कुमार को अंतिम सलामी देते आईटीबीपी के जवान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

तीन मासूमों को छोड़ गए सुशील कुमार 

सुशील कुमार तीन भाइयों में बड़े थे। परिवार में पिता बलबीर, भाई सुनील व सुमित के साथ उनकी पत्नी प्रवीण हैं। उनके अलावा सुशील कुमार अपने पीछे तीन मासूम भी छोड़ गए। उनकी बड़ी बेटी तान्या चार, निशा दो साल और बेटा नूर छह महीने का है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें