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सोनीपत फायरिंग : सुरक्षा देने के नाम पर सिपाही से वसूली करता था बदमाश, 15 लाख पर बिगड़ गई थी बात

Sat, 20 Mar 2021 11:10 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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सोनीपत फायरिंग केस - फोटो : फाइल फोटो
सोनीपत कोर्ट परिसर में बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को गोली मारने के पीछे शराब तस्करी के नाम पर वसूली की बात सामने आ रही है। गोली मारने वाले सिपाही महेश का नाम शराब तस्करी से जुड़ा है। लॉकडाउन और जहरीली शराब से कई लोगों की मौत के बाद बढ़ी पुलिस की निगरानी से सिपाही का धंधा मंदा पड़ गया था। बिट्टू बरोणा सिपाही से तस्करी की शराब के ट्रकों को निकालने के नाम पर रुपये वसूलता था। अब तक वह 15 लाख रुपये ले चुका था और महेश को लगातार धमका रहा था। महेश ने रिश्तेदार रामकरण की शह पर वारदात को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, महेश को पिस्तौल रामकरण के गिरोह ने ही मुहैया कराई थी। महेश की रामकरण से मुलाकात भी हुई थी। रामकरण ने उसे रिश्तेदार होने के कारण 50 हजार रुपये भी दिए थे। अजय को गोली मारने के बाद उसके पिता कृष्ण की गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 
 
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अजय और उसके पिता कृष्ण - फोटो : फाइल फोटो
पुलिस के अनुसार सिपाही महेश के बिट्टू बरोणा और रामकरण दोनों के गिरोह से संबंध है। रामकरण उसका दूर का रिश्तेदार था और बिट्टू उसे शराब के अवैध धंधे में सुरक्षा प्रदान करता था। महेश के मुताबिक उसने धमकियों से परेशान होकर बिट्टू को पुराने संबंधों का वास्ता दिया था। बिट्टू ने उसे सुरक्षा देने और पहले लिए रुपये वापस करने का भरोसा दिया, लेकिन रामकरण की हत्या की शर्त रख दी। रामकरण को इसकी जानकारी दी तो उसकी शह मिलने पर महेश ने बिट्टू को ही रास्ते से हटाने की साजिश रच दी।
 
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सोनीपत फायरिंग केस - फोटो : फाइल फोटो
कोर्ट परिसर में बदमाश अजय उर्फ बिट्टू को गोली मारने के आरोपी रोहतक पुलिस के सिपाही महेश को सीआईए-2 ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसपी निकिता खट्टर को दी गई है। सीआईए की टीम अब एएसपी निकिता खट्टर के निर्देशन में महेश से पूछताछ करेगी। हालांकि शुरुआती पूछताछ में हमला गैंगवार के कारण किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारी हमले के पीछे रामकरण गिरोह का हाथ बता रहे हैं। वहीं रोहतक से आई पुलिस गार्द के कर्मचारियों की विभागीय जांच शुरू हो गई है। 
 

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सोनीपत फायरिंग केस - फोटो : फाइल फोटो
एसपी सोनीपत जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि बिट्टू और रामकरण दोनों गिरोह से सिपाही महेश के संबंध सामने आए हैं। रामकरण उसका दूर का रिश्तेदार है। महेश ने बिट्टू से सुरक्षा के लिए रामकरण की मदद ली और बिट्टू पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने सिपाही महेश को रिमांड पर ले लिया है। मामले में हर पहलू को खंगाल रही है। वहीं मामले में अजय की मां ने इंस्पेक्टर सोनू मलिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका आरोप है कि रामकरण गिरोह के साथ मिलकर सोनू मलिक ने पूरा षड्यंत्र रचा। पुलिस कर्मी का नाम हत्या में आने के बाद डीएसपी ने मामले की गहनता से जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 
 
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सोनीपत में अजय का परिवार। - फोटो : फाइल फोटो
शुक्रवार को अजय उर्फ बिट्टू बरोणा की हालत गंभीर बनी रही। पुलिस ने सुरक्षा के चलते उसे पीजीआई से निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है। कोर्ट परिसर में कैदी वाहन के अंदर बैठे बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को उसके सिर से पिस्तौल को सटाकर तीन गोलियां मारी गई थीं। 
 
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