राम रहीम का काफिला कड़ी सुरक्षा में गुरुग्राम के लिए रवाना।
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छत्रपति बोल- कोर्ट में देेंगे फैसले को चुनौती
दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा कि सरकार ने चुनाव को देखते हुए डेरा मुखी को फरलो गिफ्ट की है। इस समय पांच राज्यों में चुनाव है। खासकर पंजाब और यूपी में चुनाव को देखते हुए सरकार ने डेरा मुखी को सैर सपाटा करवा वोट का फायदा लेने के लिए यह फैसला किया है। उन्होंने इसे सरकार का बेशर्मी भरा फैसला बताया। साथ ही चेतावनी दी कि इन हरकतों से बाज आए। उन्होंने कहा कि जेल नियमों के अनुसार हार्डकोर अपराधी को फरलो नहीं दी जा सकती। लेकिन इसके बावजूद जेल प्रशासन ने हरियाणा एजी से कानूनी राय मांगी तो जवाब आया कि यह हार्डकोर अपराधी नहीं है। इसे इस आधार पर फरलो दे दी गई। जबकि यह गलत है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि फरलो के फैसले के खिलाफ अब न्यायालय में जाएंगे। क्योंकि डेरा मुखी दो हत्या, दंगे करवाने सहित अन्य गंभीर मामलों में दोषी करार हो चुका है, जबकि कई मामले अभी भी उसके खिलाफ विचाराधीन है। छत्रपति ने सवाल खड़ा किया कि यदि इन सबके बावजूद भी हार्डकोर अपराधी की श्रेणी में यह नहीं आता तो इसकी परिभाषा मैं दोबारा पूछता हूं।