राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की प्राइमरी विंग की कक्षा में खाना खाते विद्यार्थी।
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इन नये आदेशों के कारण अटका बजट
निदेशालय की ओर से मिड डे मील के लिए नए आदेश आए थे। इनके अनुसार अब गेहूं, चावल के अलावा अन्य सभी प्रकार का राशन, मसाले, मौसमी सब्जियां, खीर के लिए दूध, गैस सिलिंडर की खरीद किसी विक्रेता के जरिये की जाएगी। विभाग स्कूल के खातों में कोई राशि देने की बजाय सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली से ही सीधे विक्रेता के खाते में भुगतान करेगा। स्कूल अपनी तरफ से बीईओ को विक्रेता को सत्यापित करेगा और अंत में डीईओ स्तर पर अपडेट किया जाएगा। जिसके बाद विक्रेता के खाते में भुगतान होगा।
मिड-डे मील के तहत विद्यार्थियों को दो रोटी ही दी जा रही है। चूल्हे पर खाना इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि अभी तक स्कूलों में कुकिंग कोस्ट नहीं पहुंची है। ऐसे में स्कूल संचालक कब तक अपने तरफ से खर्चा करेगा। - राजेंद्र कुमार, मिड डे मील इंचार्ज, प्राइमरी स्कूल, अनाज मंडी।
स्कूलों से कुकिंग कोस्ट के बिल मांगे गए है। बिल आते ही राशि दे दी जाएगी। वहीं सोमवार को फ्लेवर्ड मिल्क भी स्कूलों में पहुंचा दिया जाएगा। - संजय मोंगा, नोडल अधिकारी, मिड डे मील, सिरसा।