थारा फूफा जिंदा है, यह तख्ती पर लिखकर अनोखी बरात निकालने वाले हरियाणा के रोहतक के गांधरा के 102 साल के बुजुर्ग दुलीचंद प्रदेश के 15 हजार लोगों की पेंशन बहाल होने तक अपनी बुढ़ापा पेंशन नहीं लेंगे। शनिवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद के कार्यालय में अपने दादा दुलीचंद के साथ पहुंचे पोते पवन कुमार ने यह घोषणा की। इसके साथ ही दुलीचंद के गांव के दिव्यांग राजेंद्र भी सामने आए, जिनको कागजों में मृत दिखाया गया था। बोले, अब उसकी पेंशन भी बहाल होने की उम्मीद जग गई है।
वहीं, नवीन जयहिंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक तरफ परिवार पहचान पत्र के नाम पर सरकार बुजुर्गों की पेंशन काट रही है, दूसरी तरफ विपक्ष चुप बैठा है। छह माह पहले बुजुर्ग दुलीचंद की पेंशन काट दी गई। वे सरकारी अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ऐसे में विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाना पड़ा, ताकि सरकार की नींद टूट सके।